सदी का दूसरा सबसे ठंडा महीना बना दिसंबर, 1997 में पड़ी थी ऐसी कड़ाके की सर्दी

साल 1901 से लेकर अब तक साल 2019 का दिसम्बर दूसरा सबसे सर्द दिसंबर बना है. दिसंबर महीने के औसत अधिकतम तापमान के लिहाज से दिसंबर 1997 के बाद 2019 का दिसंबर सबसे सर्द दिसंबर है. 

सदी का दूसरा सबसे ठंडा महीना बना दिसंबर, 1997 में पड़ी थी ऐसी कड़ाके की सर्दी
सर्दी से बेहाल हुई जनता

नई दिल्ली: साल 1901 से लेकर अब तक साल 2019 का दिसम्बर दूसरा सबसे सर्द दिसंबर बना है. दिसंबर महीने के औसत अधिकतम तापमान के लिहाज से दिसंबर 1997 के बाद 2019 का दिसंबर सबसे सर्द दिसंबर है. 1901 के बाद से 1919, 1929, 1961, 1997 में दिसंबर महीने का औसत अधिकतम तापमान 20 डिग्री और उस से कम दर्ज हुआ. सबसे कम 17.3 डिग्री दिसंबर   1997  में दर्ज किया गया.

इस दिसंबर महीने का औसत अधिकतम तापमान 19 डिग्री से भी कम है. 30 दिसंबर को ये औसत तापमान 18.76 डिग्री रिकॉर्ड किया गया. मौसम विभाग का कहना है कि 31 दिसंबर को अगर अधिकतम तापमान 30 डिग्री भी चला जाए तब भी सदी के दूसरे सबसे सर्द दिसंबर के इस रिकॉर्ड को नुकसान नहीं पहुंचा सकता.

दिसंबर महीने का औसत अधिकतम तापमान साल 1919 और 1929 में 19.8 डिग्री दर्ज किया गया था, वहीं साल 1961 में 20 डिग्री और फिर साल 1997 में सबसे कम 17.3 डिग्री दर्ज किया गया था. साथ ही अधिकतम तापमान के लिहाज से साल 1901 के बाद सोमवार सदी के दिसंबर का सबसे ठंडा दिन भी रहा. जब अधिकतम तापमान सिंगल डिजिट में 9.4 डिग्री दर्ज किया गया.  

इसी के साथ आज 22 साल में दिसंबर में कोल्ड और सीवियर कोल्ड दिनों का भी रिकॉर्ड बराबर हो गया. 1997 में दिसंबर में 17 सीवियर कोल्ड और कोल्ड दिन थे. इस साल सोमवार को 14 दिसंबर से अब तक 17 दिन हो गए हैं. हालांकि 1997 में ये लगातार नहीं हुआ था. लेकिन इस बार 17 दिन लगातार ऐसे दिन रहे. 1997 में 13 दिन का कोल्ड और सीवियर कोल्ड दिनों का लगातर स्पेल  का रिकॉर्ड था. 22 साल का ये रिकॉर्ड भी ध्वस्त हो चुका है.