एबीवीपी ने कहा- नहीं है सुरक्षा की गारंटी, खालसा कॉलेज में नाटक प्रतियोगिता स्थगित

एक सेमिनार को लेकर रामजस कॉलेज में भारी हिंसा के बाद एसजीटीबी खालसा कॉलेज ने अपने यहां होने वाली नुक्कड़ नाटक प्रतियोगिता का आयोजन तब तक के लिए स्थगित कर दिया है, जब तक दिल्ली विश्वविद्यालय के उत्तरी परिसर में शांति और सामान्य स्थिति बहाल नहीं हो जाती।

नई दिल्ली : एक सेमिनार को लेकर रामजस कॉलेज में भारी हिंसा के बाद एसजीटीबी खालसा कॉलेज ने अपने यहां होने वाली नुक्कड़ नाटक प्रतियोगिता का आयोजन तब तक के लिए स्थगित कर दिया है, जब तक दिल्ली विश्वविद्यालय के उत्तरी परिसर में शांति और सामान्य स्थिति बहाल नहीं हो जाती।

कॉलेज की ओर से यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि आरएसएस की छात्र शाखा एबीवीपी के नेतृत्व वाले दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) ने कॉलेज के प्राचार्य से कहा था कि यदि आयोजन में इस्तेमाल की गई पटकथाओं में ‘राष्ट्र-विरोधी सामग्री’ होती है तो इस आयोजन की सुरक्षा ‘की गारंटी नहीं ली जा सकती’। प्राचार्य जसविंदर सिंह ने किसी के भी दबाव में कोई फैसला करने से इनकार करते हुए कहा है कि कॉलेज ने इस आयोजन को बस ‘स्थगित’ किया है।

डूसू के अध्यक्ष और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सदस्य अमित तंवर ने कहा कि मैंने प्राचार्य से कहा है कि वह प्रतियोगिता में किसी भी पटकथा के मंचन की अनुमति देने से पहले उसे पूरा पढ़ें। मैंने कहा है कि किसी भी आपत्तिजनक और राष्ट्र-विरोधी सामग्री से एक खतरनाक स्थिति पैदा होगी और आयोजन की सुरक्षा की गारंटी नहीं ली जा सकती। प्राचार्य ने कहा कि हालिया हिंसा को देखते हुए यह स्थिति इस आयोजन के लिए सही नहीं है। इसलिए हमने अपनी इच्छा से इसे सभी पक्षकारों के साथ चर्चा के बाद स्थगित करने का फैसला किया है। हालांकि थियेटर के संयोजक और कॉलेज के सहायक प्रोफेसर सैकत घोष ने आरोप लगाया कि डूसू से लगातार मिलने वाली धमकियों के बाद आयोजन रद्द किया गया।

घोष ने कहा कि डूसू की ओर से लगातार धमकियां मिल रही थीं और पुलिस ने भी हमसे परिसर में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए आयोजन को टाल देने की अपील की थी।