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हादसे में दोनों हाथ गंवा चुके शख्स ने ऐसे डाला वोट, दूसरों को भी मतदान के लिए कर रहे प्रेरित

हरियाणा (Haryana) में संजीव के दोनों हाथ ना होने की वजह से वोट करने में संजीव की पत्नी ने उसकी मदद की. मतदान केंद्र(Polling Booth) पर वोट देने के बाद स्याही का निशान संजीव के दायें पैर के अंगूठे पर लगवाया.  

हादसे में दोनों हाथ गंवा चुके शख्स ने ऐसे डाला वोट, दूसरों को भी मतदान के लिए कर रहे प्रेरित
हाथ नहीं हैं तो क्या, वोट डालने का हौसला तो है.

हिसार : जीवन में कोई भी मुश्किल मनुष्य के प्रण के आगे नहीं टिक सकती, इस बात को हिसार (Hisar) के रहने वाले संजीव ने साबित करके दिखाया. संजीव ने दोनों हाथ ना होने के बावजूद भी हरियाणा विधानसभा चुनाव (Haryana Assembly Election 2019) में मतदान (Voting) करके लोकतंत्र के त्योहार में भाग लिया. सन् 2002 में करंट लगने की वजह से संजीव ने दोनों हाथ खो दिए थे लेकिन संजीव ने कभी भी अपने दोनों हाथ ना होने का अफसोस नहीं किया.

संजीव ने ज़ी न्यूज (Zee News) से बताया कि उन्होंने 2002 के बाद से हाथ ना होने के बावजूद भी प्रत्येक चुनाव (Election) में वोट डाला है. दरअसल, संजीव की पत्नी वोट डालने में उनकी मदद करती हैं. मतदान केंद्र पर संजीव अपनी पत्नी के साथ जाते हैं. उनकी पत्नी उनके लिए वोट देती हैं लेकिन इंक वह अपने पैर की उंगली पर लगवाते हैं. इस साल भी इस दंपति ने ऐसा ही किया. संजीव का मानना है कि वोट डालना देश के हर नागरिक का अधिकार है और सभी को अपने इस अधिकार का उपयोग जरूर करना चाहिए.

चुनाव आयोग (Election Commision) की नियमावली में ये निर्देश भी हैं कि अगर किसी को साफ दिखाई नहीं देता है या किसी और वजह से वोटर ईवीएम (EVM) में अपने इच्छा के अनुरूप बटन नहीं दबा सकता है तो परिवार का कोई भी सदस्य मतदान स्थल पर वोटर के साथ जाकर वोट देने में मदद कर सकता है. अगर किसी व्यक्ति के दोनों हाथ नहीं हैं तो उसके दायें पैर के अंगूठे में स्याही का निशान लगाया जाए.

(Written by- विनय त्रिवेदी)