जामिया गोलीकांड में बड़ा खुलासा, जानिए किसने दिया नाबलिग आरोपी को देसी कट्टा

गोली चलाने वाले युवक को 14 दिन की प्रोटेक्टिव कस्टडी में बाल सुधार गृह भेजा गया है. 

जामिया गोलीकांड में बड़ा खुलासा, जानिए किसने दिया नाबलिग आरोपी को देसी कट्टा
युवक ने 'जय श्रीराम' के नारे लगाते हुए कहा था कि - 'आओ तुम्हें देता हूं आजादी' और गोली चला दी थी.

नई दिल्ली: जामिया गोली कांड में फायरिंग करने वाले युवक ने दस हजार रुपये में देसी कट्टा खरीदा था. पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार युवक ने अजीत नाम के शख्स से देसी कट्टा खरीदा था. क्राइम ब्रांच की SIT टीम ने अजीत को गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही है. अजीत जेवर के पास के एक गांव का रहने वाला है. पुलिस के अनुसार अजीत रेसलर है. युवक ने अजीत से 10 हजार रुपए में देसी कट्टा खरीदने के बाद नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के विरोध में जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय से राजघाट तक निकाले जा रहे मार्च में गुरुवार दोपहर गोली चला दी थी.

जिसके बाद हड़कंप मच गया था. युवक ने 'जय श्रीराम' के नारे लगाते हुए कहा था कि - 'आओ तुम्हें देता हूं आजादी' और गोली चला दी थी. गोली लगने से एक छात्र घायल हो गया था. घायल छात्र जामिया यूनिवर्सिटी का है. जिसके बाद युवक को 14 दिन की प्रोटेक्टिव कस्टडी में बाल सुधार गृह भेजा गया है.

आरोपी की उम्र जांचने के लिए क्राइम ब्रांच ने राम मनोहर लोहिया हॉस्पिटल में एप्लीकेशन लगाई है. इसके बाद मेडिकल बोर्ड बनेगा. जब मेडिकल बोर्ड इजाजत देगा उसके बाद बोन ओसिफिकेशन टेस्ट (हड्डियों से उम्र की जांच) होगा.

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आरोपी के खिलाफ हत्या की कोशिश और आर्म्स एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है. मामला घायल के बयान पर दर्ज किया गया बताया जा रहा है. थाना न्यू फ्रेंड्स कालोनी थाने में केस दर्ज होते ही दिल्ली पुलिस ने हमलावर को कानूनी रूप से देर रात गिरफ्तार भी कर लिया था.

दिल्ली पुलिस मुख्यालय के मुताबिक, आरोपी से थाना पुलिस फिलहाल अब कोई पूछताछ नहीं करेगी, क्योंकि घटना की जांच क्राइम ब्रांच के हवाले कर दी गई है. हालांकि जांच अधिकृत रूप से मिलने से पहले ही क्राइम ब्रांच की टीम मौके पर पहुंच गई थी, जबकि जांच क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर किए जाने की कागजी खानापूर्ति देर रात हो पाई.

गोलीकांड की जांच दिल्ली पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक ने क्राइम ब्रांच की स्पेशल टीम के हवाले गुरुवार देर रात की है. जांच ट्रांसफर होते ही आरोपी और वारदात में इस्तेमाल हथियार को क्राइम ब्रांच की टीम ने मय एफआईआर के कब्जे में ले लिया है.