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मिसाल हैं ये 2 महिलाएं, एक-दूसरे के पति की जान बचाने के लिए उठाया इतना बड़ा जोखिम

अस्पताल के वरिष्ठ डॉ. सुभाष गुप्ता ने बताया कि लिवर दाताओं की जानकारी मिलने के बाद तत्काल उनकी चिकित्सीय जांच की गई. इसके बाद दोनों ही मरीजों के प्रत्यारोपण एक साथ किए गए. एक ही वक्त पर चार ऑपरेशन थिएटरों में ऑपरेशन हुआ.

मिसाल हैं ये 2 महिलाएं, एक-दूसरे के पति की जान बचाने के लिए उठाया इतना बड़ा जोखिम
फोटो साभार : ट्विटर/Max

नई दिल्ली: दिल्ली की दो महिलाओं ने एक-दूसरे के पति की जान बचाने के लिए अपने-अपने लीवर के हिस्से दान किए. डॉक्टरों ने बुधवार को जानकारी दी कि दोनों के पति ‘लीवर की जानलेवा बीमारी’ से जूझ रहे थे और दोनों के लीवर का प्रतिरोपण एक-दूसरे की पत्नियों के लीवर से किया गया. साकेत के मैक्स अस्पताल में दोनों की लीवर प्रतिरोपण शल्य क्रिया लगभग 12 घंटे तक साथ-साथ चली.

कैंसर से जूझ रहा था मरीज
45 वर्षीय हरमिंदर सिंह और योगेश शर्मा लिवर कैंसर के मरीज हैं. दोनों का उपचार मैक्स अस्पताल में चल रहा है. मरीजों की स्थिति लगातार बिगड़ने के कारण डॉक्टरों ने लिवर प्रत्यारोपण ही एकमात्र विकल्प बताया. लेकिन दोनों ही मरीजों के आगे लिवर देने वालों की परेशानी थी. 

बल्ड ग्रुप भी नहीं हो रहा था मैच
जांच के दौरान दोनों की पत्नियों के रक्त समूह भी मेल नहीं खा रहे थे. हरमिंदर का ब्लड ग्रुप बी पॉजिटिव था और उसकी पत्नी गुरदीप कौर का ए पॉजिटिव. वहीं, योगेश शर्मा का ब्लड ग्रुप ए पॉजिटिव था और उसकी पत्नी अनु शर्मा का बी पॉजिटिव. अनु शर्मा को हरमिंदर के बारे में पता चलते ही वह सीधे उनसे मिलने पहुंच गईं. अनु ने गुरदीप के पति को लिवर देने की बात कही और उससे अपने पति के लिए लिवर मांगा. गुरदीप की सहमति के बाद डॉक्टरों ने ऑपरेशन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया. 

एक ही था ऑपरेशन थिएटर
अस्पताल के वरिष्ठ डॉ. सुभाष गुप्ता ने बताया कि लिवर दाताओं की जानकारी मिलने के बाद तत्काल उनकी चिकित्सीय जांच की गई. इसके बाद दोनों ही मरीजों के प्रत्यारोपण एक साथ किए गए. एक ही वक्त पर चार ऑपरेशन थिएटरों में ऑपरेशन हुआ.