EXCLUSIVE, मैंने ट्रस्‍टी के रूप में पांच साल तक चौकीदारी का काम किया: पीएम मोदी

पश्‍च‍िम बंगाल में आख‍िरी चरण का चुनाव प्रचार गुरुवार को खत्‍म हो गया. पीएम मोदी ने बंगाल में दो रैल‍ियों को संबोध‍ित किया. रैली के बाद उन्‍होंने ZEE 24 घंटा के एड‍िटर अन‍िर्बान चौधरी से बातचीत की.

EXCLUSIVE, मैंने ट्रस्‍टी के रूप में पांच साल तक चौकीदारी का काम किया: पीएम मोदी

दम दम: आख‍िरी चरण में चुनाव प्रचार के लिए गुरुवार को पीएम मोदी पश्‍चि‍म बंगाल पहुंचे. यहां उन्‍होंने शाम को मथुरापुर और दम दम में दो चुनावी रैली को संबो‍ध‍ि‍त किया. बंगाल में आख‍िरी चरण का चुनाव प्रचार एक दिन पहले ही समाप्‍त करने का निर्णय लि‍या गया है. चुनाव प्रचार के दौरान हुई कोलकाता हिंसा के बाद आयोग ने ये निर्णय लिया है. पीएम मोदी ने इर रैलियों के बाद जी 24 घंटा के एड‍िटर अन‍िर्बान चौधरी से बातचीत की.

इस बातचीत में पीएम मोदी ने कहा, 6 चरणों में बंगाल के लोगों ने भारी मतदान किया. 7वें चरण में लोकतंत्र के पर्व को मनाने के लिए वह हिंसा और आतंक से  डरे बिना मतदान करने के लिए आगे आ रहे हैं. वे अभिनंदन के अधकारी हैं. पीएम मोदी से बातचीत के खास अंश...

चौकीदार के शब्द के को आप कैसे ले कर चलते हैं
ये शब्द मैंने 2013-14 में शुरू किया था. उस वक्त सिर्फ घोटाले की खबरें छपती थीं. हर तरफ सिर्फ घोटाले की ही चर्चा होती थी. तब मैंने कहा था मुझे प्रधानसेवक बनाएं. चौकीदार का काम करूंगा. 5 साल में चौकीदार का काम किया है. चौकीदार महात्मा गांधी का ट्रष्टीशिप का सिद्धांत था. मेरा चौकीदार महात्मा के ट्रष्टीशिप के सिद्धांत पर आधारित है. प्रधानमंत्री पद जो भी है. मैं इसका एक ट्रष्टी हूं. मैं इसका मालिक नहीं हूं. मुझे एक ट्रस्टी के रूप में देश के संसाधनों का देश की संपत्ति का देश के संविधान का देखभाल करना है और देश की भलाई में आगे बढ़ाना है. तो मेरे लिए चौकीदार का मीनिंग सीधा सीधा महात्मा गांधी के ट्रस्टीशिप सिद्धांत औऱ इंस्पिरेशन का मेरा अपना एक शब्द  है.

सभी सभा में आप बोल रहे है कि आप वापस आ रहे है? 2021 में बंगाल में विधानसभा चुनाव हैं, बंगाल के लिए आप के पास कोई रणनीति और विजन है?
पूरा भारत का विकास करना है. आज देश का पश्चिमी हिस्‍सा चाहे वह केरल, कर्नाटक या पंजाब हो वहां आपको आर्थ‍िक गतिविधियां दिखती हैं. वहीं पूरब की तरफ देखें, बंगाल, असम, बिहार, ओडिशा ये राज्य प्राकृति‍क संसाधनों से भरे हैं. यहां बुद्धिमान लोग हैं. लेकिन गराबी ज्‍यादा है. देश का भला करना होगा. भारत का संतुलित विकास करना होगा जो स्तिथि आज पश्चिम हिंदुस्‍तान के हिस्से की है, जितना हो सके जल्दी बराबर पर ले आना होगा. तभी भारत 5 ट्र‍िलियन डॉलर की अर्थव्‍यवस्‍था में पहुँचेगा. जो 6 नंबर से 3 नंबर में पहुँचेगा. मेरे मन में पूरे पूर्वी हिंदुस्तान का विजन है और कोलकाता पूरा भारत का ग्रोथ इंजन हब बन सकता है. इतनी ताकत पड़ी है. लेकिन 40 बरसो में, बर्बाद कर दिया है. ये वापस लाना जरुरी है.

17 रैली एक ही राज्य में बंगाल ने कभी नहीं देखा और सुना आप के लिए बंगाल इतना अहम क्‍यों है?
मैं मानता हूं की देश की जनता हमें सेवा करने का मौका देती है. दिल्ली में मौज करने के लिए नहीं. चुने हुए जन प्रतिनिधि के नाते और देश के प्रधानमंत्री के नाते देश के कोने-कोने में जाना और जनता से मिलना, उनसे संवाद करना यह हमारी ज़िमेदारी है, आप ने देखा होगा कि 2014 से अब तक 5 साल कोई दिन ऐसा नहीं होगा की मैं देश की जनता के बीच नहीं गया. मुझे जनता के बीच में रहना चाहिए, और इसलिए मैं आया हूँ.

आम जनता का धन्यवाद देना है, क्‍योंकि 5 साल देश ने मुझे जो समर्थन दिया, ये मौका था लोगों से मिलकर सर झुकाकर उनको धन्यवाद करूँगा. बंगाल से मेरा विशेष नाता रहा है. मेरे जीवन के प्रारंभ में राम कृष्णा मिशन रहा है तो बंगाल की धरती को नमन करने का मन करता है.

यहां प्री पोल और पोस्‍ट पोल हिंसा हुई, आपके लिए कैंपेन करना कितना मुश्किल है?
पराजय के भय के कारण TMC और मुख्‍यमंत्री और उनके दरबारी संतुलन खो बैठे हैं. उन्होंने बंगाल की जनता को ही दुश्मन बना लिया है. यहाँ बंगाल की जनता पर हमला कर देते हैं और इससे बंगाल में जो हो रहा है, जनता और सरकार के बीच की लड़ाई है, जो लोग मारे जा रहे हैं वे बंगाल के ही बच्चे हैं और मरने वाले जो सरकार में वैठे है वही मर रहे हैं. ये लोकसभा का चुनाव में शुरू हुआ ऐसा नहीं है. पंचायत के चुनाव में नामांकन के लिये कोर्ट जाना पड़ा. पंचायत के चुनाव में गांव में हिंसा हुई. TMC के अलावा जो जीत के आए उनका घर जला दिया गया. ये देश के लिए चिंता का विषय है.

5 सालो मैं आपने कई अभि‍यान शुरू कि‍ए, जैसे स्‍वच्‍छ भारत अभि‍यान, अब क्या नया लाना है?
पार्टियां घोषणापत्र लेकर आती हैं, हमने पहली बार 5 साल को दो हिस्सों में बांट है. 2022 जब भारत के आज़ादी के 75 साल होंगे 75 कार्यक्रम लिए हैं. हम उन्हें दो से ढाई साल में पूरा करेंगे. बहुत बड़ा कार्य होगा. विकास का जन अभि‍यान जैसा होगा. हर क्षेत्र में, गांव हो या शहर. पड़ा लिखा हो या अनपढ़. पुरुष हो स्त्री. बुजुर्ग हों या बच्‍चे. हर किसी की कल्याण के किये प्रयास करना. दूसरा देश के infrastructre को विश्‍व स्‍तर पर ले जाना. मैं कहता हूँ हमारा जो तिरंगा झंडा है वो हमारी प्रेरणा है. तिरंगे झंडे में एक केसरि‍या रंग है, तो मैं saffronisation करना चाहता हूँ और जब saffronisation सुनेंगे तो ये आपके बंगाल के जो लिबरल हैं, उनके कान खड़े हो जाएंगे. केसरिया का मतलब उर्जा क्रांति. उसमें सोलर क्रांति. दूसरा है सफेद. मिल्क, साल्ट, शुगर, कॉटन रिवॉल्यूशन शुरू करना चाहता हूं. ग्रीन कलर से ग्रीन रिवॉल्यूशन. ब्लू कलर ब्लू रिवॉल्यूशन के लिए है. हमारी समुद्री शक्‍ति, हमारा समुद्र, हमारा पानी. हमारा आसमान नीट एंड क्लीन हो. झंडे के साथ डंडा होता है. डंडा मतलब इंफ्रास्ट्रचर होता है. दुनिया की बराबरी वाला इंफ्रास्ट्रक्चर बनाना चाहता हूं और उस इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारत नई क्रांति करेगा.

भारत को रवींद्र नाथ टैगोर के अनुसार भारत को देश का नेता बनना होगा.
हमारा सिद्धांत वसुधैव कुटुंबकम है. भारत पहली बार देश को जोड़ने का नेतृत्व कर रहा है. सोलर एनर्जी को लेकर, योगा को लेकर पूरे विश्व को जोड़ रहे हैं. हमारी जो मूलभूत शक्ति है वो दुनिया को जोड़़ना है. दुनिया आज हमको स्वीकार कर रही है. दुनिया हमको गुटबाज नहीं समझ रही है. हम इजराइल और फिलिस्तीन, अमेरिका औऱ चीन सभी के साथ दोस्ती कर रह हैं.

इस चुनाव में प्रचार और भाषा का स्‍तर बहुत नीचे चला गया...
आप लोग जो एजेंडा बनाकर चल रहे हो. इसका सही मूल्यांकन नहीं हो रहा है. होता क्या है आप जनरल टोन में कह देते हैं कि इस चुनाव में भाषा अच्छी नहीं रही है. इसके बजाए आप कहें कि इस व्यक्ति ने ये कहा ये गलत बोला. ये होना चाहिए. अगर आप पिन प्वाइंटेड डिबेट शुरू करोगे तो लोग डरने लगेंगे. तो मोदी भी सोचेगा अरे यार मेरी गलती हो गई. मेरी रिक्वेस्ट होगी नागरिक के नाते हम स्पैसिफिक कौन व्यक्ति कौन सी गाली दे रहा है, चर्चा करें. दूसरे विषय में. लोकसभा और विधानसभा के चुनाव साथ साथ होने बहुत आवश्यक है. अगर दोनों साथ-साथ होंगे. ये जो 12 महीना तू तू मैं मैं चलती है वो बंद होगी. पांच साल में एक बार आएगा, जैसे होली का त्यौहार आता है. हर कोई कपड़ा काला करता, मुंह काला करता है, फिर गले लगता है. हमारे देश में भी पांच साल में लोकतंत्र का बहुत जबर्दस्त उत्सव हो, जिसको जो रंग डालना है वो डाले फिर गले लग जाए औऱ पांच साल देश चलाना.. ये बनाने की जरूरत है.

इस चुनाव का इश्यू क्या है.. विकास, राफेल, या फिर
इस चुनाव में हमारे तीन एजेंडा है, अभी भी बोला हूं... अगर 20 मिनट बोलता हूं तो 16 मिनट इस पर बोलता हूं. पहला विकास, दूसरा सबका विकास औऱ तीसरा सब दूर विकास. सभी क्षेत्रों में विकास.

ये चुनाव मोदी वर्सेस दीदी का क्‍यों है?
जवाब- दीदी आपसे मिलें तो पूछिए मोदी कहता है गरीबों का घर बनाना चाहता हूं, मोदी कहता है वो आयुष्मान भारत चालू करना चाहता हूं, बंगाल में बंद क्यों कर दिया है. भारत सरकार दे रही है तो तुम क्यों रुकावट बन रही हो. पूछो ना उनको.

दक्ष‍िण में BJP मजबूत नहीं है तमिलनाडु और केरल में आपने कुछ योजना बनाई है
हमारे देश में जितने पॉलिटिकल पंडित हैं वो अभी भी 20वीं शताब्दी में जी रहे हैं. उनके सोचने का तरीका सब 20वीं शताब्दी का है. वो अभी भी यही मानते हैं पुराने जमाने से चला आ रहा है कि बीजेपी अर्बन पार्टी है, बीजेपी नॉर्थ की पार्टी है. बीजेपी एंटी वीमेन पार्टी, बीजेपी अपर कास्ट पार्टी, यही सारे शब्द चलते हैं.  रियलिटी क्या है कर्नाटक में हम सरकार बना चुके हैं, तमिलनाडू में हम सरकार में पार्टनर रह चुके हैं, उड़ीसा में हम सरकार में पार्टनर रह चुके हैं, गुजरात जो कि हिंदी बैल्ट नहीं है, वहां पर हमारी 30 साल से सरकार है. महाराष्ट्र, गोवा में हमारी सरकार है, ये कोई हिंदी बेल्ट नहीं है. लेकिन दिमाग में भरा पड़ा है वो पर्सेपशन चला आ रहा है तो वही बोलते हैं. पार्लियामेंट में सबसे ज्यादा एमपी हमारे एग्रीकल्चर बैकग्राउंड के हैं. हमारी सबसे ज्यादा महिला एमपी चुन कर आई हुई हैं. पहली  बार हमारी कैबिनेट में सबसे ज्यादा महिला कैबिनेट मिनिस्टर हैं. ये बात सही है हम अलग-अलग समय पर काम बढ़ा रहे हैं. केरल में आज हमारी बहुत बड़ी ताकत खड़ी हो रही है. तमिलनाडु, नॉर्थ इस्ट में बहुत बड़ी ताकत खडी हो गई है. जो ये मानकर बैठे हैं वो सही नहीं हैं.

चीन और पाकिस्‍तान डोकलाम और पुलवामा के बाद स्ट्राइक बैक करते हैं तो क्या भारत की ताकत इतनी है कि हम प्रति‍रोध कर सकें
भारत पूरे विश्व के साथ अच्छे संबंध का पक्षकार है, साथ-साथ भारत को अपने सुरक्षा बलों पर संपूर्ण विश्वास है.

अगर आप पीएम नहीं बनते हैं तो आप गठबंधन में सबसे उपयुक्त किसे मानते हैं?
आज महागठबंधन ने घोषणा कर दी है, सब बोलने लगे हैं पहले आप पहले आप, लखनवी भाषा शुरू हो गई है. वो कहते हैं कि अब हम प्रधानमंत्री का दावा नहीं करेंगे, उन्‍होंने मैदान छोड़ दिया है औऱ इसलिए वो काम मुझे मत दीजिए. अभी मुझे देश की जनता ने जो काम दिया है वो मुझे करने दीजिए. फिर एक बार आपके दर्शकों का अभिवादन करता हूं औऱ आग्रह करूंगा कुछ भी चर्चा क्यों ना हो, कितनी भी हिंसा क्यों ना हो, आप पोलिंग बूथ पर जरूर जाइए आप निष्पक्ष भाव से भारत के भविष्य के लिए वोट करिए. पूरे बंगाल का इतना प्यार और आशीर्वाद देने लिए धन्यवाद.. पीएम बनने के बाद फिर आउँगा विकास की गंगा के साथ आएंगे.