सरकार का दावा, विदेशों में छुपाए गए अरबों रुपए के काला धन पर की कार्रवाई

पनामा पेपर्स में सरकार ने 1,565 करोड़ रुपए का अघोषित आय का पता लगाया और पैराडाइज पेपर्स की लिस्ट में जिनके नाम थे उनसे 209 करोड रुपए की अघोषित आय का पता लगाया. इस तरह सरकार ने 34249 करोड रुपए की अघोषित आय का पता लगाया और इनसे पेनल्टी भी वसूली गई.

सरकार का दावा, विदेशों में छुपाए गए अरबों रुपए के काला धन पर की कार्रवाई
प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली: विदशों में छुपाए गए काला धन भारत सरकार ने क्या कार्रवाई की है, इसका ब्योरा सोमवार को दिया गया. ब्लैक मनी एक्ट 2015 में बना उसके तहत सरकार को 414 केस में 13000 करोड़ रुपए से ज्यादा की अघोषित संपत्ति का पता लगा है. HSBC बैंक जेनेवा की लिस्ट में जिनका नाम आया था उनमें सरकार ने 8465 करोड़ रुपए की अघोषित आय का पता लगाया और 1294 करोड़ रुपए की पेनल्टी वसूली.

वहीं, इंटरनेशनल कंसोर्टियम ऑफ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट्स ICIJ ने जिन नामों का खुलासा किया था उस मामले में 11010 करोड़ रुपए की अघोषित संपत्ति का पता लगाया.

पनामा पेपर्स में सरकार ने 1,565 करोड़ रुपए का अघोषित आय का पता लगाया और पैराडाइज पेपर्स की लिस्ट में जिनके नाम थे उनसे 209 करोड रुपए की अघोषित आय का पता लगाया. इस तरह सरकार ने 34249 करोड रुपए की अघोषित आय का पता लगाया और इनसे पेनल्टी भी वसूली गई.

वहीं जिस तरह से सरकार विदेश में जमा हुए रकम को लाने की कोशिश कर रही है, उसके लिए सरकार एलीफेंट बांड का भी विचार कर रही है. एलीफेंट बांड का आइडिया सुरजीत भल्ला की हाई लेवल कमेटी ने दिया था. 

इस कमेटी के मुताबिक एक बार एलीफेंट बांड में उन लोगों को निवेश करने का मौका दिया जाए जिनकी संपत्ति विदेश में जमा है और इसके बाद बदले में सरकार उन्हें कुछ राहत देगी एक तरह से यह भी हो सकता है. सुझाव यह भी है कि मिनिमम 40 परसेंट तक विदेश में पैसा रखने वाले लोग इस बांड में निवेश करें. यह एक तरह से एमनेस्टी स्कीम के जैसे होगा, लेकिन अभी तक सरकार ने इस पर कोई फैसला नहीं लिया है. यह केवल एक विचार या सुझाव है जो सरकार के पास पड़ा है. जानकारों का मानना है कि इससे कम से कम 300 अरब डॉलर और अधिक से अधिक 500 अरब डॉलर की कमाई भारत सरकार को हो सकती है और ये पूरी रकम देश के मूल भूत ढांचा सुधारने ‌‌‌‌के लिए‌ किया जा सकता है.

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