हार्दिक पटेल के खिलाफ राष्ट्रद्रोह और तिरंगे के अपमान का केस दर्ज

पटेल आरक्षण आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल की ओर से अपने समुदाय के युवकों को आत्महत्या करने के बजाय पुलिसकर्मियों को मारने के लिए कथित तौर पर उकसाने को लेकर सोमवार को उनके खिलाफ गुजरात पुलिस ने देशद्रोह के आरोप के तहत मामला दर्ज किया। दूसरी ओर, राजकोट पुलिस ने भी हार्दिक पर तिरंगे के अपमान का केस दर्ज किया है।

हार्दिक पटेल के खिलाफ राष्ट्रद्रोह और तिरंगे के अपमान का केस दर्ज

सूरत : पटेल आरक्षण आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल की ओर से अपने समुदाय के युवकों को आत्महत्या करने के बजाय पुलिसकर्मियों को मारने के लिए कथित तौर पर उकसाने को लेकर सोमवार को उनके खिलाफ गुजरात पुलिस ने देशद्रोह के आरोप के तहत मामला दर्ज किया। दूसरी ओर, राजकोट पुलिस ने भी हार्दिक पर तिरंगे के अपमान का केस दर्ज किया है।

जानकारी के अनुसार, हार्दिक पटेल पर तिरंगे के अपमान करने का भी आरोप लगा है और इसके खिलाफ लिखित शिकायत भी दी गई है। पुलिस के मुताबिक हार्दिक ने तिरंगे को पैर से दबाया है। आरोप है कि जब पुलिस ने हार्दिक को हिरासत में लिया तब उन्होंने तिरंगे को पैर लगाया। आपको बता दें राजकोट में भारत-दक्षिण अफ्रीका वनडे से पहले पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया था, क्योंकि उन्होंने मैच के विरोध की धमकी दी थी। गौर हो कि पटेल समुदाय के लिए आरक्षण की मांग को लेकर हार्दिक आंदोलन जारी रखे हुए हैं।

पुलिस उपायुक्त मर्लांड चौहान ने बताया कि हमने बीते तीन अक्तूबर को यहां हार्दिक पटेल की ओर से अपने साथियों से पुलिसकर्मियों की हत्या के लिए कहे जाने को लेकर उनके खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज किया है। चौहान इस मामले में शिकायतकर्ता बने हैं। सूरत के अमरोली थाने में हार्दिक के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 124 (ए) के तहत मामला दर्ज किया गया है। अपने विवादित बयान में 22 साल के हार्दिक ने पटेल समुदाय के एक युवक को कथित तौर पर सलाह दी थी कि वह आत्महत्या करने की बजाय पुलिसकर्मियों की हत्या करे। हार्दिक ने विपुल देसाई नामक युवक से कथित तौर पर कहा कि अगर तुम्हारे पास इतना साहस है तो जाओ और कुछ पुलिसकर्मियों की हत्या करो। पटेल कभी आत्महत्या नहीं करते। विपुल देसाई ने ऐलान किया था कि वह पटेल आरक्षण आंदोलन के समर्थन में खुदकुशी करेगा। हार्दिक के विवादित बयान के करीब 15 दिनों के बाद पुलिस ने शिकायत दर्ज की है।