close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

करतारपुर कॉरिडोर परियोजना पूरा होने के अंतिम चरण में पहुंची, जानिए कब तक पूरा हो जाएगा काम

भारत-पाकिस्तान की सीमा से चार किलोमीटर दूर, पाकिस्तान के नरोवाल में स्थित करतारपुर साहिब एक छोटा सा शहर है.  यहां सिख धर्म के संस्थापक बाबा गुरु नानक ने अपने जीवन के अंतिम 18 वर्ष बिताए थे.

करतारपुर कॉरिडोर परियोजना पूरा होने के अंतिम चरण में पहुंची, जानिए कब तक पूरा हो जाएगा काम
(फाइल फोटो)

इस्लामाबाद: करतारपुर कॉरिडोर परियोजना पूरा होने के अंतिम चरण में प्रवेश कर चुकी है. पाकिस्तान सरकार ने भारत सरकार को यह आश्वासन दिया था कि इस साल बाबा गुरु नानक देव के 550वें प्रकाशोत्सव से पूर्व नवंबर तक निर्माण और नवीनीकरण का काम पूरा कर लिया जाएगा. पाकिस्तान सरकार ने कहा था कि करतारपुर कॉरिडोर का निर्माण कार्य पूरा होने के साथ ही नारोवाल जिले में गुरुद्वारा दरबार साहिब के आसपास एक नया शहर उभरेगा. दर्शन प्वाइंट जीरो टर्मिनल पर कार्य प्रगति पर है, जिसे तेजी के साथ पूरा किया जा रहा है. इसके अलावा, कॉरिडोर परियोजना के कारपेटिंग का काम शुरू किया गया है.

गुरुद्वारे से जीरो लाइन तक की सड़कों का निर्माण कार्य प्रगति पर है और बाकी कार्य तेजी से पूरा किया गया है. रावी नदी के पुल का कार्य पूरा कर लिया गया है. गुरुद्वारा साहब कॉम्प्लेक्स में तीर्थयात्रियों के आवासीय भवन और लंगरखाना का कार्य 70 प्रतिशत पूरा किया जा चुका है. निर्माण और नवीनीकरण का काम बाबा गुरु नानक देव के 550वें प्रकाशोत्सव से पूर्व नवंबर तक पूरा कर लिया जाएगा. 

अधिकारियों ने कहा कि पाकिस्तान तीर्थ यात्रियों के लिए छह आवासीय ब्लॉक की स्थापना करेगा, जहां 700 तीर्थयात्रियों के रूकने की व्यवस्था की जा सकेगी. इसके अलावा यहां 100 इमिग्रेशन काउंटरों का निर्माण किया गया है. करतारपुर कॉरिडोर के माध्यम से भारतीय सिख तीर्थयात्री करतारपुर साहिब में स्थित गुरुद्वारा तक की यात्रा बिना वीजा के कर सकेंगे.

भारत-पाकिस्तान की सीमा से चार किलोमीटर दूर, पाकिस्तान के नरोवाल में स्थित करतारपुर साहिब एक छोटा सा शहर है.  यहां सिख धर्म के संस्थापक बाबा गुरु नानक ने अपने जीवन के अंतिम 18 वर्ष बिताए थे. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने 28 नवंबर, 2018 को पाकिस्तान के गुरुद्वारा दरबार साहिब को भारत के गुरदासपुर जिले से जोड़ने के लिए करतारपुर कॉरिडोर की आधारशिला रखी थी.