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21वीं सदी को मानव-केन्द्रित सदी बनाने के लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा: डॉ हर्षवर्धन

जापान के ओसाका में चल रहे जी-20 शिखर सम्‍मेलन में डॉ. हर्षवर्धन ने स्‍वास्‍थ्‍य एवं वित्‍त मंत्रियों के संयुक्‍त सत्र को संबोधित किया है. 

21वीं सदी को मानव-केन्द्रित सदी बनाने के लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा: डॉ हर्षवर्धन
डॉ. हर्षवर्धन ने बताया कि भारत सरकार स्‍वास्‍थ्‍य रक्षा कवर के माध्‍यम से प्रतिवर्ष प्रति परिवार अस्‍पताल में भर्ती होने पर 5,00,000 रुपये का कवर प्रदान करने का आश्‍वासन देती है. (फाइल फोटो)

ओसाका: केन्‍द्रीय स्‍वास्‍थ्‍य और परिवार कल्‍याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने आज जापान के ओसाका में आयोजित जी-20 शिखर सम्‍मेलन स्‍वास्‍थ्‍य एवं वित्‍त मंत्रियों के संयुक्‍त सत्र को संबोधित किया. अपने संबोधन में उन्‍होंने कहा कि 21वीं सदी को मानव-केन्द्रित सदी बनाने के लिए हम सभी को मिलकर कार्य करना चाहिए, जहां शक्ति और आवश्यकताओं के अनुरूप स्‍वास्‍थ्‍य प्रणाली हो, मजबूत व स्वस्थ लोग और समुदाय हों. 

डॉ. हर्षवर्धन ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्‍व में भारत सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्‍वास’ की भावना में विश्‍वास करती है. इसका अर्थ है- प्रत्‍येक व्‍यक्ति की भागीदारी और विश्‍वास के साथ समावेशी विकास. सार्वभौमिक स्‍वास्‍थ्‍य कवरेज़ के लिए वित्‍त की उपलब्‍धता एक चुनौती है. अधिकांश विकसित देश भी इस चुनौती का सामना कर रहे हैं. डॉ. हर्षवर्धन ने उल्‍लेख किया कि भारत जी-20 ‘आपसी समझ दस्‍तावेज़’ को समर्थन प्रदान करता है.       

सम्‍मेलन को संबोधित करते हुए डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि इस विषय पर चर्चा करते समय संपूर्ण स्‍वास्‍थ्‍य कवरेज उद्देश्‍य को हासिल करने की दिशा में बहुआयामी और मार्गों की बहुलता जैसे दोनों पहलुओं को हमें ध्‍यान में रखना चाहिए. भारत में इस ज्ञान के साथ, वित्‍त और स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री स्‍वास्‍थ्‍य क्षेत्र के परिणाम हासिल करने के लिए काफी घनिष्‍ठता से एकसाथ कार्य कर रहे हैं.

संपूर्ण स्‍वास्‍थ्‍य कवरेज की दिशा में भारत के बढ़ते कदमों के बारे में डॉ हर्षवर्धन ने कहा कि प्रधानमंत्री के प्रबंधन में, भारत ने दुनिया का सबसे बड़ा संपूर्ण स्‍वास्‍थ्‍य कवरेज कार्यक्रम, आयुष्‍मान भारत शुरू किया है, जिसमें देखभाल के संबंध में निरंतर दृष्टिकोण अपनाया गया है. जिसमें दो अंतर संबंधी घटक शामिल हैं. उन्‍होंने कहा कि आयुष्‍मान भारत का पहला घटक 1,50,000 स्‍वास्‍थ्‍य और तंदुरुस्‍ती केन्‍द्रों की स्‍थापना के जरिए रोग निरोधी, तत्‍पर, उपचारात्‍मक, दर्द निवारक औषधि और स्‍वास्‍थ्‍य लाभ के बाद पहले जैसी स्थिति हासिल करने पर केन्द्रित है. 

तंदुरुस्‍ती में जिन बातों पर विशेष ध्‍यान है, उनमें भारत में योग की परम्‍परागत जानकारी, सही खान-पान, शराब और तम्‍बाकू छोड़ना और जीवन शैली में बदलावों के बारे में सामुदायिक जागरूकता पैदा करना है. उन्‍होंने कहा कि भारत में तंदुरुस्‍ती के बारे में जन आंदोलन शुरू हो चुका है. डॉ. हर्षवर्धन ने आयोजन में भाग ले रहे दुनियाभर के स्‍वास्‍थ्‍य एवं वित्‍त मंत्रियों को बताया कि प्रधानमंत्री जन आरोग्‍य योजना 107.4 मिलियन गरीब और असहाय परिवारों को द्वितीय और तृतीय स्‍तर की सेवाओं के लिए स्‍वास्‍थ्‍य रक्षा कवर का प्रावधान करती है, प्रतिवर्ष प्रति परिवार अस्‍पताल में भर्ती होने पर 5,00,000 रुपये का कवर प्रदान करने का आश्‍वासन देती है.