साल का पहला चंद्र ग्रहण, जानिए क्‍यों इसे 'उपच्छाया ग्रहण' कहा गया

इस चंद्रमा का महत्व इतना जरूर है कि ये 2020 में लगने वाला पहला ग्रहण है. इस क्रिया में चंद्रमा का कोई भी भाग ग्रस्त नहीं होगा.

साल का पहला चंद्र ग्रहण, जानिए क्‍यों इसे 'उपच्छाया ग्रहण' कहा गया
फाइल फोटो...

नई दिल्‍ली : साल 2020 का पहला चंद्र ग्रहण (Lunar Eclipse) 10 जनवरी रात 10.38 बजे से शुरू होकर रात के 2.42 बजे तक चला. इस चंद्र ग्रहण को ग्रहण नहीं कहा जा सकेगा, क्योंकि यह चंद्र ग्रहण उपच्छाया ग्रहण (Upchaya Chandra Grahan) होगा. इस दौरान चंद्रमा की छवि धूमिल होती प्रतीत होगी. चंद्रमा का करीब 90 प्रतिशत भाग मटमैला जैसा हो गया. इस क्रिया में चंद्रमा का कोई भी भाग ग्रस्त नहीं हुआ.

भारत के अलावा यह चंद्र ग्रहण अमेरिका, कनाडा, ब्राजील, अर्जेंटीना जैसे देशों में दिखाई द‍िया. वर्ष 2020 में कुल 4 चंद्र ग्रहण और दो सूर्य ग्रहण की स्थिति बनी हुई है.

वर्ष 2019 के अंत में पूरी दुनिया ने एक अद्भुत सूर्य ग्रहण देखा था, जिसे रिंग ऑफ फायर कहा गया. वर्ष 2020 की शुरुआत के दूसरे हफ्ते में भी यानि आज लगने वाले चंद्र ग्रहण की स्थिति बन रही है, जिसे यूरोप और अमेरिका जैसे देशों द्वारा "वुल्फ एक्लीपस" का नाम दिया गया है. यूरोप में इस तरह की खगोलीय घटनायों को एक नाम देने की परंपरा रही है.

वैज्ञानिक दृष्टि से देखें तो इस ग्रहण को पूर्ण रूप से चंद्र ग्रहण नहीं कहा जा सकता, क्योंकि ये एक उपछाया का ग्रहण है. ऐसे में चंद्रमा की स्थिति में कोई विशेष परिवर्तन तो नही होंगे पर चंद्रमा की एक खूबसूरत तस्वीर जरूर उभरकर आएगी.

इस चंद्रमा का महत्व इतना जरूर है कि ये 2020 में लगने वाला पहला ग्रहण है. इस क्रिया में चंद्रमा का कोई भी भाग ग्रस्त नहीं होगा.