छत्तीसगढ़ः कड़ाके की ठंड ने बढ़ाई किसानों की परेशानी, मैनपाट में 1.4 डिग्री पहुंचा पारा

सरगुजा ,सूरजपुर और  बलरामपुर जिले के मैदानी क्षेत्रों में  सुबह नजारा बदला हुआ है. कई जगहों पर तो बर्फ की चादर देखने को मिल रही है.

छत्तीसगढ़ः कड़ाके की ठंड ने बढ़ाई किसानों की परेशानी, मैनपाट में 1.4 डिग्री पहुंचा पारा
(प्रतीकात्मक फोटो)

सरगुजाः छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग में साल के अंतिम दिनों में कड़ाके की ठंड ने जनजीवन पर असर डालने लगा है. दिन में धूप निकलने के बावजूद सर्द हवाओं से हाड़ कपकपा देने वाली ठंड पड़ रही है. शाम ढलते ही शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले लोग घरों में दुबक रहे हैं. शहर की सड़कों पर वीरानी छा रही है. मौसम के पूरी तरह से साफ होने के बाद दिन व रात के तापमान में गिरावट का सिलसिला जारी है. सरगुजा ,सूरजपुर और  बलरामपुर जिले के मैदानी क्षेत्रों में सुबह नजारा बदला हुआ है. घास पुआल के ढेर फूल, पौधों की पत्तियों रेत के ऊपर ओस की बूंदे जमने से बर्फ की पतली चादर सदृश्य नजर आ रही थी.

इधर अंबिकापुर शहर से लगे अजिरमा खैरबार डिगमा भगवानपुर चठिरमा इलाके में भी पुआल के ढेर में गिरा पाला सफेद बर्फ जैसा नजर आ रहा था. पाला से सब्जी वर्गीय फसलों के खराब होने की भी आशंका जताई जा रही है. वही मैनपाट के इलाको में 1.4 दर्ज किया जहां खेतो में लगी फसल खराब हो गई है, जिससे किसानों के चहरे पर मायूसी नजर आ रही है. इधर मौसम वैज्ञानिक  माने तो अंबिकापुर का न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया. मैनपाट और सामरीपाठ इलाके में पारा लुढ़ककर लगभग डेढ़ डिग्री सेल्सियस पर आ गया. आने वाले 24 घंटे में तापमान में और गिरावट का पूर्वानुमान है. उसके बाद पश्चिमी विक्षोभ चक्रवात से ठंड का असर कुछ कम हो गया था. 

दिन व रात के तापमान में बढ़ोतरी भी दर्ज की जाने लगी थी लेकिन पिछले दो दिनों से चक्रवात के पूरी तरह से प्रभावहीन हो जाने और मौसम खुलने से समूचा सरगुजा शीतलहर की चपेट में आ गया है. बहरहाल देखा जा सकता है की सरगुजा सूरजपुर व बलरामपुर जिले में कड़ाके की ठंड पड़ रही है. उत्तर भारत के हिमालय से टकराकर लगातार ठंडी शुष्क व बर्फीली हवाओं के आने से शीतलहर चलने से हवा में ठिठुरन उत्पन्न हो गया है.लेकिन किसनो को अपने  खेतो  की सब्जियों में लगातार पानी सिचाई करते रहे ताकि  सब्जियों को नुकसान होने की संभावनाओं से बचा  जा सकता है.