MP में अधिकारियों को नहीं देना होगा तोहफों का हिसाब, कर्मचारियों के लिए भी बदले नियम

सिविल आचरण नियम 1976 के तहत राज्य सरकार के अधिकारी और कर्मचारियों को 500 रुपए से अधिक का उपहार लेने पर सरकार को सूचना देनी होती है. वहीं, तृतीय श्रेणी के कर्मचारियों को 250 और चुतर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को 100 रुपए से अधिक का उपहार लेने पर सरकार को सूचना देना होता है.

MP में अधिकारियों को नहीं देना होगा तोहफों का हिसाब, कर्मचारियों के लिए भी बदले नियम
सांकेतिक तस्वीर.

भोपाल: मध्य प्रदेश राज्य के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए राहतभरी खबर है. अब राज्य के कर्मचारियों को शादी, धार्मिक उत्सव और पारिवारिक आयोजन सहित अन्य अवसर पर 5 हजार मूल्य तक के उपहार लेने के लिए राज्य सरकार को सूचना नहीं देनी होगी. क्योंकि राज्य सरकार अब सिविल आचरण अधिनियम 1976 में बदलाव करने जा रही है. 

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क्या है सिविल आचरण नियम?
दरअसल, सिविल आचरण नियम 1976 के तहत राज्य सरकार के अधिकारी और कर्मचारियों को 500 रुपए से अधिक का उपहार लेने पर सरकार को सूचना देनी होती है. वहीं, तृतीय श्रेणी के कर्मचारियों को 250 और चुतर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को 100 रुपए से अधिक का उपहार लेने पर सरकार को सूचित करना होता है.

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उल्लंघन पर सरकार भेजती है नोटिस
नियमों के अनुसार सिविल आचरण अधिनियम 1976 के उल्लंघन करने पर राज्य सरकार की तरफ से कर्मचारियों को नोटिस भी भेजी जाती है. साथ ही जवाब न देने पर कानूनी कार्यवाही भी की जाती है.

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