close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

MP: सरकारी कर्मचारियों का DA 3 फीसदी बढ़ा, पेंशनर्स को करना होगा थोड़ा इंतजार

साढ़े चार लाख से ज्यादा पेंशनर्स को महंगाई राहत के लिए अभी इंतजार करना होगा. छत्तीसगढ़ सरकार की सहमति मिलने के बाद इसे लागू किया जाएगा. डीए और डीआर बढ़ाए जाने से सरकार के खजाने पर एक हजार 647 करोड़ रुपए का वित्तीय भार आएगा.

MP: सरकारी कर्मचारियों का DA 3 फीसदी बढ़ा, पेंशनर्स को करना होगा थोड़ा इंतजार
पेंशनर्स को बढ़े हुए तीन फीसदी महंगाई भत्ते के लिए अभी कुछ दिन इंतजार करना होगा.

भोपाल: प्रदेश के सात लाख से ज्यादा नियमित कर्मचारियों, अध्यापकों सहित अन्य कर्मचारियों का सरकार ने तीन फीसदी डीए बढ़ा दिया है. आज वित्त विभाग ने आदेश जारी कर दिए. अब सातवां वेतनमान प्राप्त कर रहे कर्मचारियों को 12 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा. वहीं, छठवें वेतनमान वाले कर्मचारियों को छह फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 154 प्रतिशत डीए मिलेगा. साढ़े चार लाख से ज्यादा पेंशनर्स को महंगाई राहत के लिए अभी इंतजार करना होगा. छत्तीसगढ़ सरकार की सहमति मिलने के बाद इसे लागू किया जाएगा. डीए और डीआर बढ़ाए जाने से सरकार के खजाने पर एक हजार 647 करोड़ रुपए का वित्तीय भार आएगा.

कैबिनेट निर्णय होने के बाद नियमित कर्मचारियों के लिए तीन प्रतिशत डीए जनवरी 2019 से बढ़ा दिया. छठवें वेतनमाह प्राप्त कर्मचारियों का डीए छह फीसदी बढ़ाया गया है. पंचायत सचिवों का महंगाई भत्ता भी छह प्रतिशत ही बढ़ाया गया है. यह अब 154 प्रतिशत होगा. जनवरी से अप्रैल (चार माह) तक का बढ़ा हुआ डीए कर्मचारियों के भविष्य निधि खाते में जमा कराया जाएगा. मई से इसका नकद भुगतान होगा. राष्ट्रीय पेंशन योजना के हितग्राहियों और पंचायत सचिवों को बढ़े हुए महंगाई भत्ता का नकद भुगतान होगा. 

7वां वेतन आयोग: लाखों कर्मचारियों को मिलेगा डबल तोहफा, DA के साथ बोनस का भी फायदा

वहीं, पेंशनर्स को बढ़े हुए तीन फीसदी महंगाई भत्ते के लिए अभी कुछ दिन इंतजार करना होगा. इसे देने के लिए वित्त विभाग छत्तीसगढ़ सरकार से सहमति लेगा. इसका औपचारिक प्रस्ताव छत्तीसगढ़ सरकार को भेजने का निर्णय लिया गया है. पेंशनर्स का डीआर बढ़ाने का फैसला करने के बाद छत्तीसगढ़ की सहमति के चक्कर में होने वाली देर को देखते हुए कैबिनेट ने इस व्यवस्था को समाप्त करने का निर्णय किया है. इसके लिए दोनों राज्यों की सहमति से मध्यप्रदेश पुनर्गठन अधिनियम की धारा 49 में संशोधन करवाया जाएगा. वित्त विभाग ने इसके लिए जरूरी परीक्षण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है.