EWS Reservation: शिवराज सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए राज्य में होने वाली सीधी भर्ती में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को 10 फीसदी आरक्षण देने का फैसला किया है. इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश भी जारी कर दिया है.
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आकाश द्विवेदी/भोपालः अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार ने मास्टर स्ट्रोक खेला है. दरअसल सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए मध्य प्रदेश में होने वाली सीधी भर्ती में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) को 10 फीसदी आरक्षण (EWS RESERVATION IN MP) का लाभ देने का ऐलान किया है. आर्थिक रूप से कमजोर उम्मीदवारों को मेरिट के आधार पर आरक्षण मिलेगा.
सरकार के फैसले के तहत आर्थिक रूप से कमजोर उम्मीदवारों को न्यूनतम अंकों में 10 फीसदी की छूट मिलेगी. यह छूट सीधी भर्ती में मिलेगी. पद के चयनित उम्मीदवारों में से आर्थिक रूप से कमजोर उम्मीदवारों की सूची बनाई जाएगी. इसके बाद सूची में मेरिट में रहने वाले उम्मीदवारों को आरक्षण दिया जाएगा. सामान्य प्रशासन विभाग ने इसके आदेश जारी कर दिए हैं.
उल्लेखनीय है कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को सरकारी नौकरियों और एजुकेशन में 10 फीसदी आरक्षण देने के मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है. केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में ईडब्लूएस को आरक्षण देने के फैसले का बचाव किया है. केंद्र सरकार ने कोर्ट में कहा कि ईडब्लूएस आरक्षण संविधान के मूल ढांचे का उल्लंघन नहीं करता है. सरकार ने ये भी कहा कि आरक्षण की सीमा 50 फीसदी से ज्यादा ना हो, यह प्रमुख नियम तो है लेकिन इसे बाध्यकारी नहीं माना जा सकता.