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डॉक्टरों की हड़ताल से परेशान हुए मरीज, अस्पतालों के बाहर से ही लौटने को हैं मजबूर

आंबेडकर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भी डॉक्टरों ने राउंड नहीं लिया और ना ही वहां किसी प्रकार से मरीजों का इलाज किया जा रहा है. डॉक्टर बीच-बीच में जरूर घूमने आ रहे हैं, लेकिन बाहर निकलकर वह दूसरे डॉक्टरों के प्रोटेस्ट में शामिल हो रहे हैं.

डॉक्टरों की हड़ताल से परेशान हुए मरीज, अस्पतालों के बाहर से ही लौटने को हैं मजबूर
कोलकाता में हुए डॉक्टर पर हमले के विरोध में चिकित्सकों ने यह हड़ताल रखी.

रायपुरः देश भर में जारी डॉक्टर्स की हड़ताल पर छत्तीसगढ़ सरकार ने दावा किया था कि सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था संचालित रहेगी, लेकिन अंबेडकर अस्पताल में और दूसरे शासकीय अस्पतालों में किसी प्रकार की ओपीडी की व्यवस्था संचालित नहीं है. आईएमए के डॉक्टरों की हड़ताल की वजह से ना तो जूनियर डॉक्टर और ना ही सीनियर डॉक्टर अस्पतालों में नजर आ रहे हैं. अंबेडकर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भी डॉक्टरों ने राउंड नहीं लिया और ना ही वहां किसी प्रकार से मरीजों का इलाज किया जा रहा है. डॉक्टर बीच-बीच में जरूर घूमने आ रहे हैं, लेकिन बाहर निकलकर वह दूसरे डॉक्टरों के प्रोटेस्ट में शामिल हो रहे हैं.

वहीं Zee MPCG की टीम ने आंबेडकर अस्पताल पहुंचकर जायजा लेने की कोशिश तो वहां पत्रकारों को भीतर जाने नहीं दिया गया. हमने स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव से इस बारे में बात की. उन्होंने कहा कि शासकीय अस्पतालों में दो घंटे की ओपीडी चलाने के लिए सभी डॉक्टरों को को निर्देश दिया गया है. उन्हें हमने अस्पताल के हाल की भी सूचना दी, लेकिन डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन ने ठप इमरजेंसी और ओपीडी की सुविधा को दबाए रखा. इस संबंध में हमने अस्पताल के अधीक्षक डॉ विवेक चौधरी को भी लगाया गया लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया. 

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सरकार ने दावा किया था कि सीनियर डॉक्टरों की ड्यूटी जरूर लगाई गई है, लेकिन वह भी इसलिए ड्यूटी पर दिखाई नहीं दे रहे क्योंकि बाहर गेट पर ही अस्पतालों में मरीजों को भीतर जाने से रोका जा रहा है. आंबेडकर अस्पताल में गेट पर गार्ड मरीजों को भीतर जाने से रोक रहे हैं. उन्होंने पहले ही बाहर बोर्ड पर लिख रखा है कि ओपीडी बंद है इससे यह साबित हो रहा है, कि ओपीडी को लेकर सरकार का आदेश और वैकल्पिक व्यवस्था किसी फायदे का नहीं, सारी व्यवस्थाएं बंद है.

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वहीं मध्यप्रदेश के मंदसौर में भी इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के बैनर तले सभी चिकित्सक आज 1 दिन की सांकेतिक हड़ताल पर रहे. इस दौरान तमाम नर्सिंग होम्स और मेडिकल एसोसिएशन के सदस्यों ने भी इस हड़ताल का समर्थन किया. कोलकाता में हुए डॉक्टर पर हमले के विरोध में चिकित्सकों ने यह हड़ताल रखी. चिकित्सकों ने बताया कि इस दौरान मानवीय द्रष्टिकोण को मद्देनजर रखते हुए चिकित्सको द्वारा जिला चिकित्सालय में इमरजेंसी सेवाएं जारी रखी गई.