विधानसभा चुनाव में BJP की हार पर बोले रमन सिंह- टेस्ट बदलने के चक्कर में मिर्ची चबा गई CG की जनता

पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने कहा है कि 'टेस्ट बदलने के चक्कर में छत्तीसगढ़ की जनता मिर्ची चबा गई है और अब जनता को उसका टेस्ट समझ में आ रहा होगा.' पूर्व मुख्यमंत्री ने ये सब बातें अपने बस्तर दौरे के दौरान कही है. 

विधानसभा चुनाव में BJP की हार पर बोले रमन सिंह- टेस्ट बदलने के चक्कर में मिर्ची चबा गई CG की जनता
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह- फाइल फोटो

बस्तरः छत्तीसगढ़ राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने छत्तीसगढ़ की जनता पर टिपण्णी की है. दरअसल, रमन सिंह से यहां विधानसभा चुनाव में मिली हार पर जब सवाल किया गया तो इसी के जबाव में वह कुछ ऐसी बात कह गए, जो शायद प्रदेश के लोगों को नगवार गुजर सकती है. विधानसभा चुनाव 2018 में छत्तीसगढ़ में भाजपा को मिली करारी हार के बारे में बात करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने कहा है कि 'टेस्ट बदलने के चक्कर में छत्तीसगढ़ की जनता मिर्ची चबा गई है और अब जनता को उसका टेस्ट समझ में आ रहा होगा.' पूर्व मुख्यमंत्री ने ये सब बातें अपने बस्तर दौरे के दौरान कही है. 

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उन्होंने आगे कहा की मैं थकने वाला नहीं हूं, पचहत्तर बरस की उम्र तक काम करूंगा क्योंकि मैंने ठेका लेकर नहीं रखा है. पार्टी की एज लिमिट से एक दिन भी अधिक मैं काम नहीं करूंगा. दायित्व तय करना मेरा काम नहीं, मैं संगठन के हिसाब से चलता हूं और चलता रहूंगा. बता दें बस्तर लोकसभा सीट के लिए 11 अप्रैल को मतदान होना है और 9 अप्रैल से चुनावी प्रचार-प्रसार पूरी तरह से थम जाएंगे, इसी के मद्देनजर पूर्व मुख्यमंत्री बस्तर पहुंचे हैं. रमन सिंह के साथ ही मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी बस्तर में चुनावी सभा को संबोधित करेंगे.

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बता दें बस्तर में मुख्यमत्री भूपेश बघेल और पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह की यहां एक के बाद एक 3-3 सभाएं होनी हैं. आगामी चुनावों को देखते हुए दोनों ही पार्टियां अपनी पैठ बनाने और जनता की नब्ज टटोलने में जुटी हुई हैं. वहीं दूसरी तरफ चुनाव आयोग के लिए नक्सली बड़ा सिरदर्द बने हुए हैं, क्योंकि आए दिन नक्सली बस्तर और इसके आस-पास के इलाकों में चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए किसी न किसी वारदात को अंजाम देते रहते हैं. ऐसे में बस्तर में शांतिपूर्ण ढंग से मतदान प्रक्रिया संपन्न कराना चुनाव आयोग के लिए मुश्किल का सबब बनी हुई है.