कलेक्टर से बोला-80 साल का बुजुर्ग किसान, ''साहब मैं अभी जिंदा हूं, जमीन वापस दिला दीजिए''

भिंड जिले में एक 80 साल के बुजुर्ग किसान को मृत बता कर उसके ही करीबी परिजनों ने उसकी जमीन हड़प ली. जमीन हड़पे जाने की जानकारी लगते ही किसान कलेक्टर के सामने पहुंचा और पूरे मामले की जानकारी दी.

कलेक्टर से बोला-80 साल का बुजुर्ग किसान, ''साहब मैं अभी जिंदा हूं, जमीन वापस दिला दीजिए''
80 साल के बुजुर्ग किसान समरथ सिंह

भिंडः हाल ही में अभिनेता पकंज त्रिपाठी की एक फिल्म आई थी ''कागज'' इस फिल्म की कहानी में पंकज त्रिपाठी को जीते जी कागजों में मृत घोषित कर दिया जाता है, जिसके बाद वह खुद को जिंदा साबित करने के लिए सरकारी दफ्तरों से लेकर हर जगह चक्कर लगाते हैं. हालांकि यह तो एक फिल्म की कहानी थी. लेकिन मध्य प्रदेश के भिंड जिले से हकीकत में ऐसा ही एक मामला सामने आया है. जहां एक बुजुर्ग को मृत बताकर उसके ही परिजनों ने उसकी जमीन हड़प ली है. अब बुजुर्ग खुद को जिंदा साबित करने में लगा हुआ है.

यह है पूरा मामला
मामला भिंड जिले की अटेर तहसील में आने वाले रूपसहायपुरा गांव है. यहां रहने वाला एक वृद्ध किसान अपने आप को जिंदा साबित करने की जद्दोजहद में जुटा है. दरअसल, किसान को मृत बता कर उसके ही करीबी परिजनों ने उसकी जमीन हड़प ली. जमीन हड़पे जाने की जानकारी लगते ही किसान कलेक्टर के सामने पहुंचा और पूरे मामले की जानकारी दी. किसान ने कलेक्टर से अपनी जमीन वापस करवाने की गुहार लगाते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है.

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कागजों में 10 साल पहले मृत घोषित करवा दिया
80 साल के बुजुर्ग समरथ सिंह बीमार होने की वजह से ज्यादा बोल नहीं पाते है. इसलिए वे अपने पोते लोकेंद्र सिंह और वकील शैलेंद्र सिंह के साथ भिंड जिले के कलेक्टर वीएस रावत के पास पहुंचे. बुजुर्ग की तरफ से वकील ने कलेक्टर को बताया कि वृद्ध किसान समरथ सिंह के दो भतीजों ठेकेदार सिंह और राजू सिंह ने सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों से सांठगांठ कर दस साल पहले ही उन्हें दस्तावेजों में मृत साबित करवा दिया. दोनों भतीजों ने मिलकर उनकी मृत्यु का फर्जी  प्रमाण पत्र बनवाकर उनकी 3.39 हेक्टेयर जमीन अपने नाम करवा ली.

इस तरह हुआ मामले का खुलासा
वकील ने बताया कि किसान समरथ सिंह को इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि उनकी जमीन धोखे से भतीजों ने अपने नाम करवा ली है. जब बुजुर्ग का पोता किसी काम से जमीन के कागज निकलवाने तहसील कार्यालय में गया तो पूरे मामले का खुलासा हुआ. जहां उसे पता चला की उसके दादाजी की जमीन किसी और नाम हो गई है. मामले में और खोजबीन की गई तो फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र का मामला सामने आया है. जिसके बाद बुजुर्ग ने पूरे मामले की शिकायत कलेक्टर से की है.

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कलेक्टर ने दिया जांच का भरोसा
बुजुर्ग की शिकायत पर कलेक्टर ने भी मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम को मामले की जांच करने के निर्देश दिए हैं.  कलेक्टर ने कहा कि पूरी निष्पक्षता से इस मामले की जांच की जाएगी. जांच में अगर कोई दोषी पाया जाता है तो उन पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.

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