महाराष्ट्र: बीजेपी विधायक कालीदास कोलंबदास चुने गए प्रोटेम स्पीकर

राज्यपाल बी.एस. कोश्यारी ने बीजेपी विधायक कालीदास कोलंबदास को प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया है. यह स्पीकर 14वीं विधानसभा में सभी नए विधायकों को शपथ दिलाएंगे.

महाराष्ट्र: बीजेपी विधायक कालीदास कोलंबदास चुने गए प्रोटेम स्पीकर
बीजेपी विधायक कालीदास कोलंबदास को महाराष्ट्र में प्रोटेम स्पीकर चुना गया है.

मुंबई: सुप्रीम कोर्ट द्वारा महाराष्ट्र में बुधवार को बहुमत परीक्षण कराने का आदेश देने के बाद मंगलवार को एक बड़ा प्रश्न खड़ा हो गया था कि महाराष्ट्र विधानसभा में प्रोटेम स्पीकर कौन होगा, लेकिन अब इस सवाल का हल तय कर लिया गया है. राज्यपाल बी.एस. कोश्यारी ने बीजेपी विधायक कालीदास कोलंबदास को प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया है. यह स्पीकर 14वीं विधानसभा में सभी नए विधायकों को शपथ दिलाएंगे. प्रोटेम स्पीकर कालीदास कोलंबदास ने बुधवार (27 नवंबर) को सुबह आठ बजे विधानसभा का सत्र बुलाया है.

महाराष्ट्र की वडाला विधानसभा सीट से बीजेपी के कालिदास नीलकंठ कोलंबकर ने बड़े अंतर से जीत हासिल की है. उन्होंने कांग्रेस के शिवकुमार उदय लाड को 30845 वोटों से हराया है. 2014 में वडाला सीट पर कांग्रेस के कालिदास नीलकंठ कोलंबकर ने जीत हासिल की थी. कोलंबकर को 38440 वोट मिले थे जबकि उनके निकटतम प्रतिद्ंवदी बीजेपी उम्मीदवार मिहिर चंद्रकांत कोटेचा को 37740 वोट मिले थे. 2014 में वडाला सीट पर तीसरे नंबर पर शिवसेना के प्रत्याशी हेमंत उमाजी रहे जिन्हें 32080 वोट मिले थे. जबकि चौथे नंबर पर मनसे प्रत्याशी आनंद प्रभु रहे थे जिन्हें 6223 वोट मिले थे.

फडणवीस और अजित पवार ने दिया इस्तीफा
सुप्रीम कोर्ट ने देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार की अगुवाई वाली सरकार को बुधवार शाम पांच बजे तक महाराष्ट्र विधानसभा में बहुमत साबित करने को कहा था, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है, वहीं अजित पवार ने भी उपमुख्यमंत्री पद से त्यागपत्र देकर वापस शरद पवार और एनसीपी के साथ खड़े हो गए हैं. 

सूत्रों के मुताबिक शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे बुधवार सुबह में मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं. उनके साथ एनसीपी के जयंत पाटिल और कांग्रेस के बालासाहेब थोरात उपमुख्यमंत्री बन सकते हैं. ऐसे में विधानसभा में इन्हें बहुमत साबित करना होगा. महाराष्ट्र विधानसभा में बहुमत के लिए 145 विधायकों की जरूरत होगी. इस गठबंधन का दावा है कि इनके पास 162 विधायकों का समर्थन है.