सिर्फ जाहिल और बेवकूफ ही इस दौर में युद्ध की बात करते हैं: महबूबा मुफ्ती

महबूबा मुफ्ती ने कहा,‘इमरान खान नए प्रधानमंत्री हैं और वह एक नए आगाज की बात कर रहे हैं. मैं महसूस करती हूं कि उन्हें एक मौका दिया जाना चाहिए. 

सिर्फ जाहिल और बेवकूफ ही इस दौर में युद्ध की बात करते हैं: महबूबा मुफ्ती
जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती (फाइल फोटो)

जम्मू: भारत से ‘कार्रवाई योग्य आसूचना’ की पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की मांग के एक दिन बाद पीडीपी प्रमुख एवं जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने बुधवार को कहा कि खान को यह देखने के लिए एक मौका देना चाहिए कि वह आतंकवाद से लड़ने की दिशा में क्या करते हैं.

बहरहाल, महबूबा ने कहा कि पाकिस्तान को पठानकोट और मुंबई आतंकवादी हमले के सबूत दिए गए थे लेकिन उसने उनपर कोई कार्रवाई नहीं की.

उल्लेखनीय है कि खान ने मंगलवार को राष्ट्र के नाम एक वीडियो संदेश में भारत से वादा किया था कि अगर पाकिस्तान के साथ ‘कार्रवाई योग्य आसूचना’ साझा की जाती है तो वह पुलवामा आतंकवादी हमले के पीछे के लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर सकते हैं. उन्होंने साथ ही भारत को किसी ‘बदले की’ कार्रवाई के प्रति आगाह किया.

'इमरान खान को दिया जाना चाहिए एक मौका'
महबूबा ने यहां पत्रकारों से कहा,‘इमरान खान नए प्रधानमंत्री हैं और वह एक नए आगाज की बात कर रहे हैं. मैं महसूस करती हूं कि उन्हें एक मौका दिया जाना चाहिए. हमें उन्हें सबूत देने चाहिए और देखना चाहिए कि वह क्या करते हैं.’ उन्होंने देश भर में युद्ध के आह्वान की निंदा की और पाकिस्तान के साथ वार्ता की वकालत की.

'दोनों देश युद्ध बरदाश्त नहीं कर सकते'
महबूबा मुफ्ती ने कहा,‘दोनों देश युद्ध बरदाश्त नहीं कर सकते. सिर्फ जाहिल और बेवकूफ ही इस युग में युद्ध की बात करते हैं. दोनों देश परमाणु शक्तियां हैं.’ पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा,‘अगर ये देश इस वक्त मेल-मिलाप कर लेते हैं और एक दूसरे को (चीजें) साफ कर देते हैं तो इससे ना सिर्फ कश्मीर मुद्दे का हल मिलेगा, बल्कि दोनों देशों के लिए बेहतर हालात बनेंगे.’

(इनपुट - भाषा)