चीन से तनातनी के बीच LAC पर इंडियन आर्मी ने तैनात किए T-90 टैंक और बख्तरबंद वाहन, देखें वीडियो

वीडियो में LAC पर चुमार-डेमचोक क्षेत्र में टी-90 भीष्म टैंक और बीएमपी-2 इन्फैंट्री कॉम्बैट व्हीकल्स को साफ देखा जा सकता है. बता दें कि भारत और चीन के मध्य सीमा विवाद जारी होने के चलते दोनों देशों ने लद्दाख में ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सैन्य उपकरणों की तैनाती की है. 

चीन से तनातनी के बीच LAC पर इंडियन आर्मी ने तैनात किए T-90 टैंक और बख्तरबंद वाहन, देखें वीडियो

नई दिल्लीः LAC पर भारत और चीन के बीच जारी तनाव को डिप्लोमैटिक तरीके से कम करने की कोशिशें जारी हैं. दोनों देश एलएसी के नजदीक पूर्वी लद्दाख में अपनी-अपनी सेनाएं तैनात कर रहे हैं. समाचार एजेंसी एएनआई के हवाले से बताया गया है कि भारतीय सेना ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के करीब अपने टैंक तैनात किए हैं. केंद्र ने एक वीडियो जारी किया है जिसमें पूर्वी लद्दाख में फॉरवर्ड पोस्ट पर इंडियन आर्मी के टैंक और बख्तरबंद वाहन खड़े दिखाई दे रहे हैं. वीडियो को एएनआई ने अपने ट्विटर पर शेयर किया है. 

वीडियो में LAC पर चुमार-डेमचोक क्षेत्र में टी-90 भीष्म टैंक और बीएमपी-2 इन्फैंट्री कॉम्बैट व्हीकल्स को साफ देखा जा सकता है. बता दें कि भारत और चीन के मध्य सीमा विवाद जारी होने के चलते दोनों देशों ने लद्दाख में ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सैन्य उपकरणों की तैनाती की है. 

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14 कॉर्प्स के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल अरविंद कपूर ने कहा, 'फायर एंड फ्यूरी कॉर्प्स भारतीय सेना (Indian Army) का एकमात्र फॉरमेशन है और दुनिया में भी ऐसे मुश्किल इलाकों में यंत्रीकृत बलों को तैनात किया गया है. टैंक, पैदल सेना के लड़ाकू वाहनों और भारी बंदूकों का इस इलाके में रखरखाव करना एक चुनौती है."

बता दें कि 29-30 अगस्त को पूर्वी लद्दाख में चीनी सेना ने उकसावे वाली कार्रवाई करते हुए यथास्थिति में बदलाव की कोशिश की थी. भारतीय जवानों ने इसका मुहंतोड़ जवाब दिया था और चीनी सैनिकों को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया था. भारतीय सेना ने पैंगोंग झील (Pangong Lake) के दक्षिणी हिस्से में मौजूद एक अहम चोटी पर कब्जा कर लिया था. ये चोटी रणनीतिक रूप से काफी अहम मानी जाती है. 

हाल ही में भारत ने एक बार फिर चीन को यथास्थिति में बदलाव की कोशिश नहीं करने को लेकर चेताया था. भारत ने चीन को साफ संदेश में कहा था कि अगर पीएलए के सैनिक हमारी पोस्ट पर आते हैं तो हमारी सेना के जवान भी सेल्फ डिफेंस में फायरिंग करेंगे. 15 जून 2020 को गलवान घाटी में हुए गतिरोध के बाद से भारत न ही चीन के शांति की अपील वाले शब्दों पर भरोसा करता हैं और न ही ड्रैगन की गीदड़भभकियों से डरता है.