उत्तर कोरिया ने मिसाइलों से दागे जाने वाले परमाणु हथियार विकसित किए: UN की रिपोर्ट में खुलासा

संयुक्त्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट ने दुनिया की चिंता बढ़ा दी है. रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर कोरिया ने परमाणु हथियार विकसित कर लिए हैं और अब वह उनका साइज छोटा करने में जुटा है. 

उत्तर कोरिया ने मिसाइलों से दागे जाने वाले परमाणु हथियार विकसित किए: UN की रिपोर्ट में खुलासा
किम जोंग उन की फाइल तस्वीर

न्यूयार्क: उत्तर कोरिया (North Korea) ने संभवत: बैलिस्टिक मिसाइलों से दागे जाने वाले परमाणु हथियार विकसित कर लिए हैं. संयुक्त राष्ट्र (UN) संघ की एक रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर कोरिया परमाणु हथियार बनाने के काम में तेजी से लगा हुआ है और उसने संभवत 30- 40 परमाणु हथियार तैयार कर लिए है. 

परमाणु हथियारों का साइज छोटा करने में जुटा है उत्तर कोरिया
संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों की रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर कोरिया ने अब तक जो 6 न्यूक्लियर टेस्ट किए हैं. उसके बाद से वह परमाणु हथियारों का साइज छोटा करने में जुटा है. हालांकि उत्तर कोरिया ने सितंबर 2017 के बाद से फिलहाल कोई नया न्यूक्लियर टेस्ट नहीं किया है. 

ए लाइट वाटर रिएक्टर का कर रहा है निर्माण
उत्तर कोरिया पर प्रतिबंधों को अनुमति देने वाली संयुक्त राष्ट्र की कमेटी ने सोमवार को 15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद के सामने एक रिपोर्ट पेश की. इस रिपोर्ट में कहा गया है कि उत्तर कोरिया लगातार अपने परमाणु हथियार कार्यक्रम को आगे बढ़ाने में लगा हुआ है. इसके लिए वह बड़े पैमाने पर उच्च क्षमता वाले यूरेनियम का संवर्धन कर रहा है. साथ ही लाइट वाटर रिएक्टर भी बना रहा है. रिपोर्ट तैयार करने वाले एक देश के मुताबिक उत्तर कोरिया संभवत अपने परमाणु हथियार भंडार को भी आगे बढ़ा रहा है. संयुक्त राष्ट्र की इस रिपोर्ट पर फिलहाल अमेरिका ने कोई टिप्पणी नहीं की है. 

ब कोई देश हम पर हमला नहीं कर सकेगा : किम जोंग उन
उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन ने पिछले सप्ताह कहा था कि परमाणु हथियार क्षमता से लैस हो जाने के बाद अब कोई देश उन पर हमला नहीं कर सकेगा. ये परमाणु हथियार देश को बाहरी खतरे से बचाने में गारंटी सिद्ध होंगे. रिपोर्ट के मुताबिक एक देश ने आशंका जताई कि उत्तर कोरिया अब परमाणु हथियारों का साइज छोटा करना चाहता है. इसके लिए वह लगातार प्रयोग करने में लगा है. जिससे मल्टीपल वारहेड के साथ एक ही समय में कई ठिकानों पर हमला किया जा सके. 

ट्रंप और किम की मुलाकात से भी नहीं निकला समाधान
बता दें कि परमाणु हथियार और बैलिस्टिक मिसाइल बनाने की कोशिश करने पर संयुक्त राष्ट्र संघ ने 2006 पर उत्तर कोरिया पर आर्थिक प्रतिबंध लगा दिए थे. सुरक्षा परिषद ने प्रतिबंधों को कठोर बनाने के लिए उसकी कई परियोजनाओं पर भी रोक लगी दी. इस मसले पर किम जोंग उन और अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के बीच वर्ष 2018 में तीन बार मुलाकात हो चुकी है. लेकिन अमेरिका प्योंगयांग को अपने परमाणु हथियार त्यागने के लिए के लिए तैयार नहीं कर पाया. वहीं उत्तर कोरिया भी अमेरिका को आर्थिक प्रतिबंध हटाने के लिए राजी नहीं कर पाया. 

 

दुनिया को दिखाने के लिए ढहाया सुरंग का मुहाना
उत्तर कोरिया ने मई 2018 में घोषणा की कि उसने पुंगी री इलाके में बनी परमाणु टेस्ट केंद्र की सुरंग को खत्म कर दिया है. उसने दुनिया को भरोसा दिलाया कि इस साइट के खत्म होने के साथ ही उसने परमाणु क्षमता खत्म करने के अपने वादे को पूरा कर दिया है. लेकिन उसने इस मौके पर किसी भी बाहरी व्यक्ति को पुंगी री इलाके में आने की अनुमति नहीं दी. जिसके चलते दुनिया में किसी ने भी प्योंगयांग के दावे पर यकीन नहीं किया. संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक केवल सुरंग के मुहाने को ढहाया गया. लेकिन इससे यह निष्कर्ष नहीं निकलता कि पूरी सुरंग को ही खत्म कर दिया गया. रिपोर्ट तैयार करने में शामिल एक देश ने कहा कि उत्तर कोरिया केवल 3 महीने में उस सुरंग को दोबारा से तैयार वहां नया परमाणु टेस्ट कर सकता है.

आर्थिक प्रतिबंधों का कर रहा है उल्लंघन

संयुक्त राष्ट्र विशेषज्ञों के मुताबिक उत्तर कोरिया लगातार आर्थिक प्रतिबंधों का उल्लंघन करने में लगा है. वह अवैध तरीके से कोयले का निर्यात कर रहा है. हालांकि कोरोना वायरस की वजह से जनवरी और मार्च के बीच यह व्यापार कुछ समय के लिए स्थगित रहा. 

साइबर अटैक के जरिए क्रिप्टोकरंसी चुरा रहा है उत्तर कोरिया
पिछले साल संयुक्त राष्ट्र विशेषज्ञों ने एक रिपोर्ट में कहा था कि उत्तर कोरिया साइबर अटैक के जरिए भी विरोधियों को निशाना बनाने में लगा है. इन्हीं साइबर अटैक के जरिए उत्तर कोरिया ने 2 बिलियन क्रिप्टोकरंसी चुरा ली. संयुक्त राष्ट्र विशेषज्ञों का आकलन है कि उत्तर कोरिया पैसा इकट्ठा करने के लिए इस तरह साइबर अटैक करवाता रहेगा. ऐसे में दुनिया को उससे निपटने की तैयारी करनी होगी.