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पश्चिम बंगाल: स्कूल के प्रिंसिपल की मनमानी, मुफ्त की साइकिल बांटने पर वसूल रहे 40-40 रुपए

राज्य की मुख्यमंत्री स्कूली बच्चों को मुफ्त में साइकिल दे रही हैं तो क्यों जबरन 40 रुपए लिए जा रहे हैं?

पश्चिम बंगाल: स्कूल के प्रिंसिपल की मनमानी, मुफ्त की साइकिल बांटने पर वसूल रहे 40-40 रुपए
अगर साइकिल सरकार के तरफ से मुफ्त में मिल रही हैं तो क्यों बच्चों से 40 रुपए मांगे जा रहे हैं.

आसनसोल: पश्चिम बंगाल के आसनसोल में बच्‍चों से मुफ्त मिलने वाली साइकिलों के एवज में 40 रुपए वसूलने का मामला सामने आया है. स्कूल के प्रधान अध्यापक के निर्देश पर यह अवैध वसूली की जा रही है.

दरअसल, मंगलवार को मिठानि हाई स्कूल के बच्चों को साइकिलों का वितरण करना था. लेकिन स्कूल के प्रधान अध्यापक वृंदावन पाल ने ये मासून बच्चों के सामने यह शर्त रख दी कि अगर साइकिल चाहिए तो सबको 40-40 रुपए देने होंगे. जब उनसे पूछा गया कि राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी स्कूली बच्चों को मुफ्त में साइकिल दे रही हैं तो क्यों जबरन 40 रुपए लिए जा रहे हैं? इस पर प्रधानाचार्य गुस्से से बौखला उठे और मीडिया के लोगों से सवाल करने लगे कि आप बिना अनुमति से स्कूल के अंदर क्यों आए और बिना पूछे तस्वीर क्यों खींच रहे हैं ?

स्कूल में "Sabooj Sathi Scheme" के तहत नवम श्रेणी के छात्र और छात्रों के लिए 3000 साइकिलें लाई गईं, लेकिन स्कूल के शर्त के अनुसार पैसा ना होने के कारण अधिकांश बच्चों को पैसे लेने के लिए घर भेजा गया. अधिकांश बच्चे गरीब परिवार से आते हैं और पैसे ना होने के कारण सभी दौड़ते हुए अपने-अपने घर पहुंचे.

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स्कूल के बच्चे और उनके परिजनों का कहना है कि अगर साइकिल सरकार के तरफ से मुफ्त में मिल रही हैं तो क्यों बच्चों से 40 रुपए मांगे जा रहे हैं? एक बच्चे ने यह भी बताया कि इस बारे में प्रधानाचार्य से प्रश्न पूछा गया तो उनको डांटकर भगा दिया गया.

इस पूरी घटना के सामने आने के बाद पश्चिम बर्धमान जिले के शिक्षा अधिकारी प्रशांत मंडल ने बताया कि खबर मिलते ही स्कूल को बच्चों के पैसे लौटने का निर्देश दे दिए गए हैं.

जानकारी के लिए बता दें कि पश्चिम बंगाल सरकार की "Sabooj Sathi Bicycle Distribution Scheme " के तहत हर साल स्कूली बच्चों को मुफ्त साइकिलें दी जाती हैं. इसका उद्देश्य स्कूल में शिक्षा दर की औसत को बढ़ाना है.