कर्नाटक के कलबुर्गी COVID अस्पताल में घूमते नजर आए सुअर, वीडियो वायरल

कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार लगातार देश में सफाई का स्तर सुधारने और सामाजिक दूरी का पालन करने की अपील कर रही है. लेकिन कर्नाटक के कलबुर्गी में बने सरकारी कोरोना अस्पताल में इसका उलट होता नजर आ रहा है.

कर्नाटक के कलबुर्गी COVID अस्पताल में घूमते नजर आए सुअर, वीडियो वायरल
कोविड अस्पताल मे घुमता सुअरों का झुंड।

बेंगलुरु: देश में कोरोना (Coronavirus) संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच कर्नाटक (Karnataka) से एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है. इस वीडियो में कोरोना संक्रमित रोगियों के इलाज के लिए बने अस्पताल में सुअर (Pigs) घूमते दिखाई दे रहे हैं. वीडियो में एक डॉक्टर भी दिख रहा है, जो सुअरों के झुंड से बचकर राउंड पर निकल जाता है. सरकारी कोरोना अस्पताल में गंभीर लापरवाही का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है.

बता दें कि कर्नाटक में कोरोना संक्रमण के 59 हजार 752 मामले सामने आ चुके हैं. इनमें से 21 हजार लोग ठीक हो चुके हैं. जबकि 1240 लोगों की मौत हो चुकी है. कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार लगातार देश में सफाई का स्तर सुधारने और सामाजिक दूरी का पालन करने की अपील कर रही है. लेकिन कर्नाटक के कलबुर्गी में बने सरकारी कोरोना अस्पताल में इसका उलट होता नजर आ रहा है.

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वायरल हुए वीडियो में दिख रहा है कि सुअरों का झुंड आराम से सरकारी कोरोना अस्पताल में टहलकदमी कर रहा है. राउंड पर निकला डॉक्टर भी सुअरों के झुंड को भगाने के बजाय उनसे बचकर निकल जाता है. ऐसे समय में जबकि कोरोना वायरस को खत्म करने के लिए अस्पताल प्रशासन को सफाई पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए. तब अस्पताल में सुअर घूमने का वीडियो सामने से अस्पताल प्रशासन पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं.

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इससे पहले हाल ही में कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री बी श्रीरामुलु ने यह कहकर विवाद खड़ा कर दिया था कि कोविड-19 महामारी से केवल भगवान ही हमें बचा सकते हैं. मंत्री के इस बयान की कांग्रेस ने कड़ी आलोचना की थी. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डी के शिवाकुमार ने कहा कि ऐसी टिप्पणियां कर्नाटक में कोरोना महामारी से निपटने की येदियुप्पा सरकार की क्षमता पर सवाल खड़े करती हैं. अपनी टिप्पणी पर विवाद बढ़ता देख बाद में मंत्री श्रीरामुलु ने स्पष्टीकरण दिया कि उन्होंने यह बयान केवल लोगों को सावधान करने के लिए दिया था. कई लोगों ने उनके बयान का गलत अर्थ निकाला और उसे गलत समझ लिया.