योग दिवस 2019 से पहले PM मोदी ने सिखाए ये आसन, VIDEO के जरिए बताए कई फायदे
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योग दिवस 2019 से पहले PM मोदी ने सिखाए ये आसन, VIDEO के जरिए बताए कई फायदे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जून की शुरुआत से ही रोजाना अपने सोशल मीडिया पर अलग अलग योगासन की एनिमेटेड वीडियोज शेयर कर रहे हैं. 

विश्वभर में 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाएगा.

नई दिल्ली: 21 जून को मनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2019 से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर लागातार कई वीडियो जारी कर जनता को योगासन सिखाने और उनके फायदे बताने की कोशिश की है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जून की शुरुआत से ही रोजाना अपने सोशल मीडिया पर अलग अलग योगासन की एनिमेटेड वीडियोज शेयर कर रहे हैं. जिसके जरिए वह लगातार जनता को योगा के प्रति जागरूर और योगा से होने वाले लाभों के बारे में जनता को बताने की कोशिश कर रहे हैं. 

पीएम मोदी ने सबसे पहले 4 जून को अपने सोशल मीडिया पर त्रिकोणासन का एक वीडियो शेयर किया था. इस वीडियो को शेयर करते हुए उन्होंने लिखा, 21 जून को #YogaDay2019 मनाया जाएगा. मैं योग को अपने जीवन का हिस्सा बनाने के लिए आप सभी का आह्वान करता हूं. योग के अनन्य फायदे हैं. इस वीडियो में आप त्रिकोणासन करने का तरीका देख सकते हैं.

त्रिकोणासान के बाद पीएम मोदी ने 5 जून को ताड़ासन का वीडियो शेयर किया और इसके फायदे बताते हुए इस आसन को करने का तरीका भी बताया. पीएम मोदी ने इस एनिमेटेड वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, ताड़ासन करने से आपको कई दूसरे आसन करने में आसानी होगी. इस वीडियो से आसन के फायदे जानने में आपको मदद मिलेगी.

त्रिकोणासान और ताड़ासन के बाद पीएम मोदी ने वृक्षासन का वीडियो शेयर किया और इसे करने का तरीका बताया. इस वीडियो को शेयर करते हुए उन्होंने लिखा, क्षासन हमारे शरीर और मस्तिष्क के लिए कितना फायदेमंद है? आइए देखते हैं इस वीडियो में...

 

इसके बाद पीएम मोदी ने अर्धचक्रासन के फायदे बताते हुए एक वीडियो शेयर किया और इस आसन को करने का तरीका भी बताया. इस वीडियो को शेयर करते हुए उन्होंने लिखा, मजबूत कमर, बेहतर रक्त परिसंचरण और भी बहुत कुछ... 

अर्धचक्रासन के बाद पीएम मोदी ने 8 जून को पादहस्तासन का वीडियो शेयर किया. अपने इस वीडियो में उन्होंने पादहस्तासन के फायदे और करने के तरीके बारे में बताया. 

पादहस्तासन के बाद पीएम मोदी ने 9 जून को उष्ट्रासन का वीडियो शेयर किया. इस वीडियो को शेयर करते हुए उन्होंने लिखा, उष्ट्रासन सेहत के लिए बेहद अच्छा है. इस आसन को रोजाना करने से कमर मजबूत होती है और शरीर की फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ती है. 

पीएम मोदी ने अपने अगले वीडियो में भद्रासन के फायदे बताए. इस वीडियो को शेयर करते हुए उन्होंने लिखा, भद्रासन शरीर को दृढ़ रखता है और मस्तिष्क को स्थिर करता है.

भद्रासन के बाद पीएम मोदी ने वक्रासन के फायदे भी बताए. उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करते हुए इस आसन को करने का तरीका और आसन के फायदों के बारे में जनता को बताया. 

पीएम मोदी ने 13 जून को एक ओर वीडियो शेयर करते हुए वज्रासन के फायदे बताए. इस वीडियो को शेयर करते हुए उन्होंने लिखा, बेहतर रक्त संचार और पाचन तंत्र वज्रासन के कई लाभों में से दो हैं. 

वज्रासन के बाद पीएम मोदी द्वारा पवनमुक्तासन का वीडियो शेयर किया गया. यह आसन गैस की समस्या से राहत दिलाने के लिए बेहद लाभकारी है और रोजाना इस आसन का अभ्यास करने से आपको कई अन्य लाभ भी होंगे. 

पीएम मोदी ने शशांकासन का वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि, इस आसन को अपनी दिनचर्या में शामिल कीजिए और देखिए किस तरह से ये आपके लाइफस्टाइल को बदलता है.

पीएम मोदी ने शशांकासन के बाद भूजासन का एक वीडियो अपने सोशल मीडिया पर शेयर किया. इस वीडियो को शेयर करते हुए उन्होंने लिखा, भुजंगासन नियमित रूप से करने पर पीठ दर्द में आराम मिलता है. इस आसन के कई सारे फायदे हैं. 

17 जून को पीएम मोदी ने अपने ट्विटर पर शलभासन का वीडियो शेयर किया. इसे शेयर करते हुए उन्होंने लिखा, मजबूत कलाई, पीठ की मांसपेशियों और स्पोंडिलिटिस की रोकथाम ... बस कुछ कारणों में शलभासन का अभ्यास करना फायदेमंद है.

जिसके बाद 18 जून को पीएम मोदी ने अपने ट्विटर पर सेतु बंधासन का वीडियो शेयर किया. यह आसन पीठ के निचले हिस्से की मांसपेशियों को मजबूती देता है. यहां देखें वीडियो

गौरतलब है कि, हर साल की तरह इस साल भी पीएम मोदी 21 जून को सार्वजनिक कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे. इस बार वह झारखंड की राजधानी रांची में आम लोगों के साथ योग करेंगे. इससे पहले वह राजधानी दिल्ली, देहरादून, चंडीगढ़ और लखनऊ में योग दिवस पर हिस्सा ले चुके हैं.

बता दें, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों के बाद ही 11 दिसंबर, 2014 को संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को विश्व योग दिवस मनाने का ऐलान किया था. भारत के इस प्रस्ताव पर 170 से अधिक देशों ने मंजूरी जताई थी, जो संयुक्त राष्ट्र में इतिहास था.

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