5 दिनों की विदेश यात्रा पर पीएम मोदी, रोम पहुंचे; G-20 शिखर सम्मेलन में होंगे शामिल
X

5 दिनों की विदेश यात्रा पर पीएम मोदी, रोम पहुंचे; G-20 शिखर सम्मेलन में होंगे शामिल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) इटली के प्रधानमंत्री मारियो ड्रैगी (Mario Draghi) के निमंत्रण पर जी-20 देशों के नेताओं के 16वें शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए रोम पहुंच गए हैं. इसके बाद पीएम मोदी ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन (Boris Johnson) के आमंत्रण पर ब्रिटेन के ग्लासगो जाएंगे.

5 दिनों की विदेश यात्रा पर पीएम मोदी, रोम पहुंचे; G-20 शिखर सम्मेलन में होंगे शामिल

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) इटली और ब्रिटेन के पांच दिनों की यात्रा पर हैं और रोम पहुंच गए हैं. पीएम मोदी इटली के प्रधानमंत्री मारियो ड्रैगी (Mario Draghi) के निमंत्रण पर जी-20 देशों के नेताओं के 16वें शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए रोम पहुंचे हैं. इसके बाद वह ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन (Boris Johnson) के आमंत्रण पर एक से दो नवंबर तक ब्रिटेन के ग्लासगो की यात्रा करेंगे.

जी-20 सम्मेलन में इन मुद्दों पर होगी चर्चा

दौरे से पहले पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने खुद ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी थी. उन्होंने कहा, 'मैं रोम में 16वें G-20 लीडर्स समिट में भाग लूंगा और जी-20 देशों के नेताओं के साथ कोरोना महामारी, सतत विकास और जलवायु परिवर्तन से दुनिया की अर्थव्यवस्था और स्वास्थ्य सुधार पर पड़ने वाले असर को लेकर चर्चा में शामिल होऊंगा.'

ये भी पढ़ें- कैफ ने पाकिस्तान को दिखाया आइना, बताया- भारत में मुस्लिम होना कितनी शान की बात?

26वें कॉप सम्मेलन में भी लेंगे हिस्सा

जी-20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) 31 अक्‍टूबर की शाम को ब्रिटेन के ग्लासगो के लिए रवाना होंगे, जहां 26वें कॉप सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. पीएम मोदी ब्रिटेन दौरे के दौरान प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन (Boris Johnson) से मुलाकात करेंगे. प्रधानमंत्री मोदी वेटिकन में पोप से भी मुलाकात करेंगे. यात्रा से पहले पीएम मोदी ने कहा, 'प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के निमंत्रण पर मैं 1-2 नवंबर तक यूनाइटेड किंग्डम में रहूंगा.'

महामारी से निपटने में ठोस परिणाम निकलने की उम्मीद

विदेश सचिव हर्षवर्द्धन श्रृंगला ने कहा कि जी-20 शिखर सम्मेलन में कोविड-19 महामारी से मुकाबले सहित भविष्य में पेश आने वाली ऐसी ही चुनौतियों को लेकर 'ठोस परिणाम' निकल सकते हैं और वैश्विक स्वास्थ्य ढांचा, आर्थिक सुधार जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी. विदेश सचिव ने यह भी कहा कि भारत पेरिस समझौते के तहत निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने की राह पर है और वह विकासशील देशों को जलवायु परिवर्तन का सामना करने में मदद के लिए वित्तीय संसाधनों एवं प्रौद्योगिकी को उपलब्ध कराने संबंधी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने की उम्मीद करता है.

लाइव टीवी

Trending news