राष्ट्रपति चुनाव में जुदा है नीतीश और लालू की राह; राजद-कांग्रेस, राजग और जदयू ने बनाई अपनी रणनीति

राष्ट्रपति चुनाव को लेकर साझा रणनीति तैयार करने के लिए बिहार सरकार में शामिल राजद और कांग्रेस द्वारा पटना में अपने विधायकों की संयुक्त बैठक बुलाई गयी. वहीं जदयू ने इसके लिए अपने विधायकों की एक अलग बैठक मुख्यमंत्री आवास पर बुलायी थी.

राष्ट्रपति चुनाव में जुदा है नीतीश और लालू की राह; राजद-कांग्रेस, राजग और जदयू ने बनाई अपनी रणनीति
राजद-कांग्रेस मीरा कुमार के समर्थन में हैं, जबकि जदयू राजग उम्मीदवार कोविंद के पक्ष में. (फाइल फोटो)

पटना: सोमवार (17 जुलाई) को संपन्न होने वाले राष्ट्रपति चुनाव को लेकर राजग, राजद-कांग्रेस और जदयू ने अलग-अलग बैठक कर अपनी-अपनी रणनीति बनायी. बिहार की महागठबंधन सरकार में शामिल जदयू ने राष्ट्रपति चुनाव के लिए राजग उम्मीदवार और प्रदेश के पूर्व राज्यपाल रामनाथ कोविंद के व्यक्तिव के कारण उनका समर्थन किए जाने तथा होटल के बदले भूखंड मामले को लेकर राजद से बढ़ती कटुता के बीच राष्ट्रपति चुनाव को लेकर साझा रणनीति तैयार करने के लिए इस सरकार में शामिल राजद और कांग्रेस द्वारा रविवार (16 जुलाई) शाम पटना में अपने विधायकों की संयुक्त बैठक बुलाई गयी. 

वहीं जदयू ने इसके लिए अपने विधायकों की एक अलग बैठक मुख्यमंत्री आवास पर बुलायी थी. राष्ट्रपति चुनाव को लेकर पटना के एक अणे मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास पर जदयू विधायक दल की आज (रविवार, 16 जुलाई) बैठक हुई. करीब आधे घंटे चली इस बैठक में शामिल हुए संसदीय कार्य मंत्री श्रवण कुमार और उद्योग मंत्री जय कुमार सिंह ने एक अणे मार्ग से निकलने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधायकों को राष्ट्रपति चुनाव को लेकर समय पर विधानसभा पहुंचने सहित इस चुनाव को लेकर अन्य आवश्यक निर्देश दिए.

यह भी पढ़ें: सोनिया गांधी ने कहा, राष्ट्रपति चुनाव लड़ाई है 'विभाजनकारी और सांप्रदायिक नजरिये' के खिलाफ

क्रॉस वोटिंग को लेकर पूछे गए एक प्रश्न पर श्रवण ने कहा कि जदयू का ऐसा पूर्व में इतिहास नहीं रहा है. सभी विधायक कोविंद जी के पक्ष में मतदान करेंगे. उन्होंने बैठक में महागठबंधन में जारी गतिरोध को लेकर कोई भी चर्चा होने से इंकार करते हुए बताया कि बैठक में केवल सोमवार (17 जुलाई) को होने राष्ट्रपति चुनाव को लेकर चर्चा हुई.

राष्ट्रपति चुनाव को लेकर महागठबंधन सरकार में शामिल राजद और कांग्रेस द्वारा साझा रणनीति तैयार करने के लिए आज (रविवार, 16 जुलाई) शाम पटना के मौर्य होटल में अपने—अपने विधायकों की संयुक्त बैठक बुलाई गयी थी जिसमें राजद प्रमुख लालू प्रसाद, उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अशोक कुमार चौधरी स​हित दोनों दलों के विधायकों ने भाग लिया. बिहार में महागठबंधन सरकार में शामिल राजद और कांग्रेस 18 विपक्षी दलों के साझा उम्मीदवार मीरा कुमार का समर्थन कर रही है. बैठक को लालू प्रसाद और अशोक चौधरी ने दोनों दलों के विधायकों को राष्ट्रपति चुनाव को लेकर आवश्यक निर्देश दिए.

राष्ट्रपति चुनाव को लेकर राजग विधानमंडल दल की बैठक पटना के पोलो रोड स्थित भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी के आवास पर आज (रविवार, 16 जुलाई) शाम संपन्न हुई. पूर्व उपमुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी की अध्यक्षता में संपन्न राजग विधायक दल की इस बैठक में हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा सेक्युलर के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी सहित लोजपा, रालोसपा व भाजपा के सभी विधायक व विधान पार्षद शामिल हुए.

बैठक में विधायकों को राष्ट्रपति के निर्वाचन के लिए मतदान के तरीकों को बताया गया तथा निर्देश दिया गया कि पूरी सावधानी से वे अपने मत का प्रयोग करें. बैठक को संबोधित करते हुए सुशील ने दल के दायरे से बाहर आकर राजद और कांग्रेस के विधायकों को भी बिहार के व्यापक हित में कोविंद को मतदान करना चाहिए. उन्होंने कहा कि बिहार के राज्यपाल के तौर पर कोंविंद का सरकार के साथ सहयोग और सामंजस्य सराहनीय रहा है. कोविंद की जीत से आगे भी बिहार के हितों की रक्षा होती रहेगी.

सुशील ने सत्ताधारी दल राजद-जदयू के बीच जारी गतिरोध पर चिन्ता जताते हुए कहा कि उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लग हैं ऐसे में उन्हें प्रतिष्ठा का प्रश्न न बना कर अविलंब इस्तीफा दे देना चाहिए. उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव को अपने ऊपर लगे आरोपों को बिन्दुवार तथ्यात्मक जवाब देना चाहिए और उन्हें बताना चाहिए कि इतनी कम उम्र में उनके पास इतनी सारी संपत्ति कैसे आ गई.