झुंझुनूं के इस गांव में मिला एक संदिग्ध कबूतर, विदेशी कोड लिखे जाने की आशंका

गांव के निवासी ने बताया है कि रविवार शाम को एक सफेद कबूतर छत पर काफी देर से मंडरा रहा था. कुछ देर बाद वह कबूतर छत पर बैठ गया.

झुंझुनूं के इस गांव में मिला एक संदिग्ध कबूतर, विदेशी कोड लिखे जाने की आशंका
जानकार इस कबूतर को संदिग्ध बता रहे हैं.

झुंझुनूं: राजस्थान के झुंझुनूं जिला मुख्यालय के समीपवर्ती गांव उदावास में एक संदिग्ध कबूतर चर्चा का विषय बन गया है. कबूतर ना केवल सफेद है बल्कि उसके एक पैर में छल्ला लटका हुआ था जिस पर विदेशी कोड लिखे बताए जा रहे है. कबूतर भले ही संदिग्ध हो लेकिन यह वन विभाग और पुलिस विभाग के बीच एक दूसरे विभाग के दायरे में आने को लेकर दो दिन से अटका हुआ है. 

वहीं, गांव के विकास कुमार ने बताया है कि रविवार शाम को एक सफेद कबूतर छत पर काफी देर से मंडरा रहा था. कुछ देर बाद वह कबूतर छत पर बैठ गया. जब वह छत पर गया उस कबूतर को पकड़ नीचे ले आया. कबूतर को देखने पर विदेशी लग रहा था. साथ ही, कबूतर के एक पैर में नीले कलर का छल्ला बंधा हुआ था. जिस पर विदेशी कोड में अक्षर लिखे हुए थे.

ग्रामीण के मुताबिक कबूतर मिलने की सूचना मिलने पर झुंझुनूं डीएफओ आरके हुड्डा ने टीम भेजकर कबूतर को अपने कब्जे में लेने के लिए टीम भेजी थी, लेकिन वन विभाग के कर्मचारी ने कबूतर को दूर से ही देखकर मामले को ज्यादा गंभीरता से नहीं लिया. वहीं, जानकार इस कबूतर को संदिग्ध बता रहे हैं. इस पर वन विभाग का कहना है ऐसे मामलें की जांच पुलिस करेगी. जबकि सदर सीआई भंवरलाल से इस मामलें को लेकर बात की तो उन्होंने वन विभाग के दायरें में आने की बात कहकर अपनी बात से पल्ला झाड़ लिया. इधर पैर में छल्ला बंधा कबूतर को देखने के लिए आस पास के ग्रामीणों की आवाजाही लगी रही. कबूतर सबके मुंह पर चर्चा का विषय बना रहा.

ग्रामीणों की मानें तो कबूतर संदिग्ध बताया जा रहा है और दोनों विभाग इस मामलें को ज्यादा गंभीर नहीं ले रहे हैं. यदि यह जासूसी कबूतर हो तो बड़ा अंजाम भूगतना पड़ सकता है. जबकि सदर पुलिस भी ऐसी लापरवाही का खुद को दोषी ना मानकर वन विभाग पर ठिकरा फोड़ रही है और वन विभाग भी ज्यादा गंभीर नहीं ले रहा है. 

कबूतर अभी भी विकास के पास
संदिग्ध कबूतर अभी भी ग्रामीण विकास के घर ही है. एक ओर जहां वन विभाग इसे कब्जे में नहीं ले रहा है, वहीं दूसरी ओर पुलिस विभाग जांच नहीं करने की जेहमत कर रहा. अब सवाल यह है कि आखिर ऐसी लापरवाही का कारण क्या हो सकता है. इधर, विकास ने बताया कि इसको लेकर वन और पुलिस विभाग दोनों को सूचित कर दिया है, बावजूद इसके अभी तक किसी ने गंभीरता नहीं दिखाई.