जयपुर: बेखौफ होकर करें शिकायत रिश्वतखोरों की शिकायत, ACB नहीं रुकने देगी आपके काम

राजस्थान में रिश्वतखोर सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो कार्रवाई कर रहा है लेकिन शिकायत के बाद शिकायतकर्ताओं को परेशानी झेलनी पड़ रही है. इसकी शिकायतें मुख्यमंत्री अशोक गहलोत तक पहुंचीं. 

जयपुर: बेखौफ होकर करें शिकायत रिश्वतखोरों की शिकायत, ACB नहीं रुकने देगी आपके काम
भ्रष्ट अधिकारी के पकड़े जाने के बाद सरकारी विभागों में शिकायतकर्ताओं के काम नहीं किया जा रहा है.

विष्णु शर्मा, जयपुर: राज्य सरकार (State Government) ने भ्रष्टाचार (Corruption) के खिलाफ एक और बड़ा कदम उठाया है. अब लोग भ्रष्टाचारियों के खिलाफ बेखौफ होकर शिकायत (Complain) कर सकेंगे. अब भ्रष्टाचारियों के खिलाफ शिकायत के बाद अब सरकारी विभागों में शिकायतकर्ताओं के काम नहीं रोके जाएंगे. एसीएस गृह ने अफसरों को उनके काम प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए हैं.

राजस्थान में रिश्वतखोर सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो कार्रवाई कर रहा है लेकिन शिकायत के बाद शिकायतकर्ताओं को परेशानी झेलनी पड़ रही है. इसकी शिकायतें मुख्यमंत्री अशोक गहलोत तक पहुंचीं. 

मुख्यमंत्री गहलोत ने एसीबी की समीक्षा बैठक के दौरान भी यह मुद्दा उठाया और अधिकारियों को इस बारे में उचित कदम उठाने के निर्देश दिए. इसके बाद अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह राजीव स्वरूप की ओर से यह सर्कुलर जारी किया गया है. 

जानबूझ कर कर रहे प्रताड़ित 
भ्रष्ट अधिकारी के पकड़े जाने के बाद सरकारी विभागों में शिकायतकर्ताओं के काम नहीं किया जा रहा है. विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी जानबूझकर शिकायतकर्ता प्रताड़ित कर रहे हैं. परिवादी का काम करने के बजाय उसके अटका रहे हैं. इसकी शिकायतें सरकार तक पहुंची तो इसे गंभीरता  से लिया गया.   

बन रही नकारात्मक सोच 
सर्कुलर में कहा गया कि एसीबी की कार्रवाई के बाद विभाग के दूसरे अधिकारी-कर्मचारी परिवादी से द्वेषता रखना शुरू कर देते हैं. परिवादी के विचाराधीन वैद्य काम को भी अनावश्यक रूप से पूरा नहीं किया जा रहा है. सहयोग के बजाय कागजी खानापूर्ति कर टरकाया जा रहा है. इससे आम जनता में भ्रष्टाचार के खिलाफ शिकायत करने के लिए नकारात्मक सोच बनती है और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है. आम लोगों में लोकसेवकों के प्रति संदिग्ध छवि बनती है जो अनुचित है. 

यह दिए गए निर्देश -
- एसीएसएस, प्रमुख सचिवों, सचिवों को दिए निर्देश 
- अधीनस्थ अधिकारियों तक निर्देश प्रसारित करें 
- अधिकारी आदेश की पालना सुनिश्चत करवाएं
- परिवादी का वैद्य कार्य प्राथमिका पर नियमानुसार पूरा करें
- परिवादी को अनावश्यक रूप से प्रताड़ित नहीं किया जाए
- भविष्य में भी कार्य प्राथमिकता पर ही किया जाए
- आदेशों की अवहेलना  को सरकार गंभीरता से लेगी
- विभागाध्यक्षों को बैठक कर इसकी समीक्षा के निर्देश