अलवर: नागरिक संशोधन बिल पास होने पर जश्न का माहौल, लोग बोले- अब अपनी ही धरती पर रहेंगे

अलवर (Alwar) में भी ऐसे लोग हैं, जिन्होंने इस बिल पर खुशी जाहिर की है. उन्हें अब उनके अधिकार मिल पाएंगे, इस नए बिल से एक नई उम्मीद की किरण जागी है.

अलवर: नागरिक संशोधन बिल पास होने पर जश्न का माहौल, लोग बोले- अब अपनी ही धरती पर रहेंगे
अलवर में भी अनेकों परिवार हैं, जिन्हें 20-20 साल से ज्यादा समय हो गया.

जुगल, अलवर: केंद्र सरकार (Central Government) द्वारा लाए गए नागरिकता संशोधन बिल 2019 (Citizenship Amendment Bill 2019) के लोकसभा और राज्यसभा में पास होने के बाद ऐसे हजारों विस्थापित परिवारों को खुशी मिली है, जिन्हें बरसों से भारत में रहने के बावजूद उनके पास नागरिकता नहीं थी. 

इसके चलते उन्हें प्रशासनिक स्तर पर विभिन्न औपचारिकताओं से गुजरना पड़ता था, ये वो लोग हैं, जो धार्मिक उत्पीड़न से अपना सब कुछ छोड़ कर चले आए. अलवर (Alwar) में भी ऐसे लोग हैं, जिन्होंने इस बिल पर खुशी जाहिर की है. उन्हें अब उनके अधिकार मिल पाएंगे, इस नए बिल से एक नई उम्मीद की किरण जागी है.

केंद्र सरकार द्वारा नागरिक संशोधन बिल (Citizenship Amendment Bill) पास करने के बाद अब देश के उन सभी विस्थापितों को राहत की उम्मीद जगी है कि उन्हें भी अब उनके मौलिक अधिकार मिल पाएंगे, अब वो भी भारतीय होने का गर्व कर सकेंगे, अब उनके भी आधार कार्ड और पहचान पत्र होंगे. अब उन्हें अपने बच्चों के स्कूल दाखिले में परेशानी नहीं आएगी. ऐसे अलवर में भी अनेकों परिवार हैं, जिन्हें 20-20 साल से ज्यादा समय हो गया. 

स्थायी नागरिकता का अधिकार मिल सके
अलवर में रहते हुए, अनेकों बार स्थायी नागरिकता के लिए आवेदन भी किए गए लेकिन कोई नतीजा नहीं मिला, सरकारी रिकॉर्ड में ऐसे 24 नाम हैं, इसमें ज्यादातर अलवर के खैरथल में रहने वाले पुष्करणा ब्राह्मण समाज से है. गृह विभाग द्वारा अब इन्हें नागरिकता दिए जाने की प्रक्रिया के तहत जिला मुख्यालय पर कैंप लगाए जा रहे हैं, जिससे कागजी प्रक्रिया के बाद इन्हें स्थायी नागरिकता का अधिकार मिल सके. खैरथल से आए ऐसे अनेक लोगों ने अब तक नागरिकता न मिलने की पीड़ा बताते हुए अब नए बिल से नई उम्मीद जताई.

बिल के बाद मिली बड़ी राहत
केंद्र सरकार द्वारा जारी नए संशोधन बिल में सिख, हिंदू, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई परिवार जो धार्मिक उत्पीड़न के चलते भारत में आकर रहने लगे. ऐसे परिवार लॉन्ग टर्म वीजा यानी एलटीवी पर रहते चले आए हैं. इन्हें हर दो साल में इसे रिन्यू कराना पड़ता है, ऐसे में आई बी, इंटेलिजेंस की टीम इन पर निगाह भी रखती है कहीं कोई राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल तो नहीं. प्रशासन द्वारा इन्हें रेसिडेंशियल परमिशन दी जाती है, खैरथल में रहने वाले ये लोग वो हैं, जिन्हें रहते हुए कई दशक हो गए, ये लोग वापिस जाना नहीं चाहते, यहां नागरिकता मिल नहीं रही थी, अब इस बिल के बाद अब एक बड़ी राहत इन्हें मिल रही है.