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सवर्ण आरक्षण: CM गहलोत का बयान, कहा- सबसे पहले कांग्रेस ने 14% EBC बिल पारित किया था

मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि अब केंद्र सरकार द्वारा 10 फीसदी सवर्ण आरक्षण को मंजूर किया गया है. केंद्र सरकार को गरीब सवर्णों को 14 प्रतिशत का आरक्षण देना चाहिए था.

सवर्ण आरक्षण: CM गहलोत का बयान, कहा- सबसे पहले कांग्रेस ने 14% EBC बिल पारित किया था
सोमवार को पीएम मोदी की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट में लिया गया है फैसला. (फाइल फोटो)

जयपुर: केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा सामान्य श्रेणी में आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के लिए नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में 10 प्रतिशत आरक्षण के लिए मंजूरी दे गई है. केंद्र के इस फैसले पर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा बड़ा बयान दिया गया है. सवर्ण आरक्षण पर सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि सबसे पहले 1998 में कांग्रेस सरकार द्वारा ही 14 फीसदी ईबीसी बिल पारित किया गया था. उस वक्त तत्कालीन प्रधानमंत्री से हमने 14 फीसदी आरक्षण को 9वीं अनुसूची में शामिल करवाने का आग्रह किया था. 

जिसके बाद मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि अब केंद्र सरकार द्वारा 10 फीसदी सवर्ण आरक्षण को मंजूर किया गया है. केंद्र सरकार को गरीब सवर्णों को 14 प्रतिशत का आरक्षण देना चाहिए था. उन्होंने यह भी कहा कि हमारे बिल पास कराने के बाद से इतने समय तक यह अटका हुआ था और यह हमारी पुरानी मांग रही है. गौरतलब है कि चुनावी आहट के बीच केंद्र की मोदी सरकार ने गरीब सवर्णों (आर्थिक रूप से पिछड़ी ऊंची जातियों) को 10 फीसदी आरक्षण देने का फैसला किया है.

फैसले में क्या है खास

1. सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्‍यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में गरीब सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण देने के फैसले पर मुहर लगाई गई. कैबिनेट ने फैसला लिया है कि यह आरक्षण आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को दिया जाएगा.

2. बताया जा रहा है कि आरक्षण का फॉर्मूला 50%+10% का होगा. सूत्रों का कहना है कि लोकसभा में मंगलवार को मोदी सरकार आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्णों को आरक्षण देने संबंधी बिल पेश कर सकती है.

3. केंद्रीय सामाजिक न्याय राज्य मंत्री विजय सांपला के मुताबिक जिन लोगों की सालाना आमदनी 8 लाख से कम होगी उन्‍हें आरक्षण का लाभ मिलेगा.

4. जिन सवर्णों के पास खेती की 5 एकड़ से कम जमीन होगी, उन्‍हें आरक्षण का लाभ मिलेगा.

5. इस आरक्षण का लाभ वे सवर्ण पा सकेंगे, जिनके पास आवासीय भूमि 1000 वर्ग फीट से कम होगी.

6. जिन सवर्णों के पास अधिसूचित नगर पालिका क्षेत्र में 100 गज से कम का आवासीय प्‍लॉट है वे इस आरक्षण का लाभ उठा सकेंगे.

7. इसके अलावा जिन सवर्णों के पास गैर अधिसूचित नगर पालिका क्षेत्र में 200 गज से कम का आवासीय प्‍लॉट है उन्हें इस आरक्षण का लाभ मिल सकेगा.

8. सूत्रों का यह भी कहना है कि सरकार संविधान में संशोधन के लिए बिल ला सकती है. इसके लिए संविधान के अनुच्‍छेद 15 और 16 में संशोधन होगा.