बांसवाड़ा के छात्रावास का हाल बेहाल, शिकायतों के बाद भी अधिकारी बेखबर

राजस्थान के बांसवाड़ा शहर के उदयपुर मार्ग पर स्थित जनजाति प्रतिभावन बालक आश्रम छात्रावास बदहाली के आंसू बहा रहा है.

बांसवाड़ा के छात्रावास का हाल बेहाल, शिकायतों के बाद भी अधिकारी बेखबर
प्रतीकात्मक तस्वीर

बांसवाड़ा: राजस्थान के बांसवाड़ा शहर के उदयपुर मार्ग पर स्थित जनजाति प्रतिभावन बालक आश्रम छात्रावास बदहाली के आंसू बहा रहा है. बदहाली का आलम कुछ ऐसा है कि कड़कड़ाती सर्दी में छात्रों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. हालात ये हैं अभी तक छात्रों को स्वेटर नहीं मिले हैं. इतना ही नहीं गीजर भी खराब पड़ा है. जिससे छात्र ठंडे पानी से नहाने को मजबूर हैं.

वहीं, छात्रों का कहना है कि मामले को लेकर कई बार जनजाति विभाग को अवगत करवाया गया लेकिन कोई कदम नहीं उठाया जाता है. छात्रों ने बताया कि सर्दी का मौसम आधा बीत चुका है, लेकिन स्वेटर नहीं मिले हैं, जिससे छात्र कड़कड़ाती सर्दी में बिना स्वेटर के रहने को मजबूर हैं. जिससे कई छात्रों की तबीयत भी खराब हो रही है.

उधर व्यवस्थाओं का आलम ये है कि गीजर पिछले 2 साल से लगा हुआ है वो भी पूरी तरह खराब हो चुका है. जिससे ठिठुरन भरी सर्दी में छात्र बिना गर्म पानी के ठंडे पानी से नहाने के लिए मजबूर हैं. कई छात्रों ने बताया कि कड़कडाती सर्दी में ठंडे पानी से हाथ पैर सुन्न हो जाते हैं, लेकिन अधिकारियों को ये सब दिखाई नहीं देता.

इसके साथ ही, छात्रावास में सफाई के भी हालात बेहद खराब हैं बच्चों ने बताया कि यहां पर पानी की टंकियों की सफाई नहीं होती है ना ही बाथरूम साफ होते हैं. कपड़े स्वेटर तक नहीं मिल पाते, जिससे परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है. इतना ही नहीं, छात्रों को अभी तक छात्रवृत्ति भी नहीं मिली है. वहीं, छात्रों ने इन सभी समस्याओं के बारे में जनजाति विभाग व जिला प्रशासन दोनों को अगवत करवाया पर अब तक इन समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया है.