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राजस्थान: अरुण जेटली के निधन के बाद प्रदेश में शोक की लहर, मुख्यमंत्री ने जताया शोक

बीजेपी के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली का निधन शनिवार को एम्स में इलाज के दौरान दोपहर 12:07 बजे हुआ है.

राजस्थान: अरुण जेटली के निधन के बाद प्रदेश में शोक की लहर, मुख्यमंत्री ने जताया शोक
जेटली का कई दिनों से लगातार इलाज चल रहा था. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली की शनिवार(24 अगस्त) को राजधानी दिल्ली के एम्स में इलाज के दौरान निधन को हो गया. उनका लंबे समय से यहां इलाज चल रहा था. एएनआई ने एम्स के अधिकारियों की जारी एक प्रेस-विज्ञप्ति में इस बात की जानकारी दी है. प्रेस रिलीज के अनुसार अरुण जेटली का निधन शनिवार को दोपहर 12:07 बजे हुआ है. 

उनके निधन की खबर आने के बाद राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत, डिप्टी सीएम सचिन पायलट और वसुंधरा राजे समेत कई नेताओं ने श्रद्धांजली दी है.सीएम अशोक गहलोत ने अपनी ट्वीट में बीजेपी नेता अरुण जेटली के निधन पर संवेदना वयक्त की. 

उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने अपनी ट्वीट में कहा है कि अरुण जेटली के निधन के खबर से काफी दुखी हूं. मेरी उनके परिवार को इस दुख की घड़ी में सबल और दिवंगत के आत्मा की शांति की प्रार्थना कर रहा हूं. 

9 अगस्त को हुए थे भर्ती
पेशे से वकील अरुण जेटली का जन्‍म 28 दिसंबर, 1952 को नई दिल्‍ली में हुआ था. इस दौरान बीजेपी के वरिष्‍ठ नेता और पूर्व वित्‍त मंत्री अरुण जेटली का शनिवार को निधन हो गया है. वह 9 अगस्‍त से दिल्‍ली स्थित एम्‍स में भर्ती थे. एम्‍स की ओर से जारी की गई प्रेस रिलीज के अनुसार अरुण जेटली का निधन शनिवार को दोपहर 12:07 बजे हुआ है. 

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सेंट जेवियर्स स्कूल में की थी पढ़ाई
उन्होंने नई दिल्ली के सेंट जेवियर्स स्कूल से पढ़ाई की. इसके बाद उन्होंने श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से बीकॉम किया. इसके साथ ही उन्‍होंने दिल्‍ली यूनिवर्सिटी से 1977 में लॉ की पढ़ाई पूरी की. इस दौरान वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के छात्र नेता भी थे. डीयू में पढ़ाई के दौरान ही वह 1974 में डीयू स्टूडेंट यूनियन के अध्यक्ष भी बने. 1975 में देश में लगे आपातकाल का विरोध करने के पर उन्‍हें 19 महीनों तक नजरबंद रखा गया था. 1973 में वह जयप्रकाश नारायण और राजनारायण द्वारा चलाए जा रहे भ्रष्‍टाचार विरोधी आंदोलन में भी सक्रिय रहे. नजरबंदी खत्‍म होने के बाद उन्‍होंने जन संघ पार्टी ज्‍वाइन की.

छात्र राजनीति में रहे थे सक्रिय
इसके बाद 1977 में उन्‍हें दिल्‍ली एबीवीपी का अध्‍यक्ष और ऑल इंडिया सेक्रेटरी बनाया गया. उन्‍हें 1980 में बीजेपी युवा मोर्चा का अध्‍यक्ष और दिल्‍ली ईकाई का सेक्रेटरी बनाया गया था. उन्होंने 1987 में वकालत शुरू की. इस दौरान सुप्रीम कोर्ट से लेकर विभिन्‍न हाईकोर्ट में प्रैक्टिस की. 1990 में दिल्‍ली हाईकोर्ट ने उन्‍हें वरिष्‍ठ वकील घोषित किया. इसके साथ ही 1989 में जेटली वीपी सिंह की सरकार में एडिशनल सॉलिसिटर जनरल नियुक्‍त किए गए. इस दौरान जेटली ने बोफोर्स घोटाले की जांच की दस्‍तावेजी प्रक्रिया पूरी की थी.

अरुण जेटली 1991 से बीजेपी की राष्‍ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्‍य रहे. 1999 के आम चुनाव में बीजेपी ने उन्‍हें पार्टी प्रवक्‍ता बनाया. जेटली ने जून 2009 को वकालत रोक दी. उन्‍हें राज्‍यसभा में 2009 से 2014 तक नेता विपक्ष बनाया गया था. 2009 में राज्‍यसभा में नेता विपक्ष बनने पर उन्‍होंने पार्टी महासचिव के पद से इस्‍तीफा दे दिया.

1999 में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में वह सूचना एवं प्रसारण राज्‍यमंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) बनाए गए. इस सरकार में वह कानून मंत्री भी रहे. उन्‍हें विनिवेश का स्‍वतंत्र राज्‍यमंत्री भी बनाया गया. 2000 में हुए लोकसभा चुनाव के बाद उन्‍हें कानून, न्‍याय, कंपनी अफेयर तथा शिपिंग मंत्रालय का मंत्री बनाया गया था.

2014 में अरुण जेटली ने बीजेपी की टिकट पर अमृतसर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा. लेकिन उन्‍हें कांग्रेस के उम्‍मीदवार कैप्‍टन अमरिंदर सिंह से हार मिली. 

अरुण जेटली गुजरात से राज्‍यसभा सदस्‍य भी रहे. मार्च 2018 में उन्‍हें उत्‍तर प्रदेश से राज्‍यसभा सदस्‍य चुना गया. 2014 में मोदी सरकार बनने के बाद उन्‍होंने इस सरकार में वित्‍त मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय जैसे अहम मंत्रालय संभाले.