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कैब कंपनी ने लिया ज्यादा किराया, पैसे वापस मांगे तो लग गया डेढ़ लाख का चूना

शिकारय करने गए पीड़ित मांगीलाल को उबर कार्यालय में अधिकारियों से नहीं मिलने दिया गया.

कैब कंपनी ने लिया ज्यादा किराया, पैसे वापस मांगे तो लग गया डेढ़ लाख का चूना
पुलिस मामले की जांच कर रही है. (प्रतीकात्मक फोटो)

जयपुर: आम लोगों को कैब सेवा देने एक कंपनी के द्वारा ज्यादा किराया वसूलने के बाद कस्टमर का ऱिफंड लेने का प्रयास काफी महंगा पड़ गया. इस दौरान ठगी कर कस्टमर के बैंक खाते से डेढ़ लाख रुपए गायब कर लिए गए. यह मामला राजस्थान के जयपुर का है. जयपुर के हरमाड़ा इलाके के गणेश नगर निवासी मांगीलाल सैनी के साथ ऐसी घटना हुई है. दरअसल हरमाड़ा के गणेश नगर निवासी मांगीलाल सैनी परिवार के साथ घूमने के लिए नाहरगढ़ बॉयोलोजिकल पार्क गए थे. मांगीलाल ने वहां जाने के लिए उबर कैब बुक कराई. उबर कैब चालक मांगीलाल को जीपीएस में दिख रहे रास्ते से नाहरगढ़ नहीं लेकर गया. नाहरगढ़ तक का किराया करीब 226 रुपये दिखाया जा रहा था. लेकिन चालक ने उन्हें 1218 रुपये का बिल बताया. जिसके बाद मांगीलाल ने किराया देने के बाद रिफंड लेने के लिए कस्टमर केयर पर कॉल किया. 

कस्टमर केयर के नाम पर की गई ठगी
पीड़ित मांगीलाल जब कस्टमर केयर को फोन करने का प्रयास कर रहा था. उसी दौरान मांगीलाल के पास एक फोन आया. फोन करने वाले व्यक्ति ने अपने आप को उबर कस्टमर केयर का प्रतिनिधि राजेश बताया और पैसे रिफंड करने के लिए क्रेडिट कार्ड का नंबर मांगा. मांगीलाल ने कार्ड का नंबर कस्टमर केयर एग्जीक्यूटिव को दे दिया. इसके कुछ देर बाद ही 10 मिनट में उनके खाते से 1 लाख 58 हजार रुपये गायब हो गए. मांगीलाल के खाते में करीब 13 ट्रांजेक्शन हुए थे, जिसके जरिये ये पैसे निकाले गए.

उबर कार्यालय में नहीं हुई सुनवाई
पीड़ित उबर जयपुर कार्यालय में शिकायत करने पहुंचा. लेकिन उन्हें किसी भी अधिकारी से नहीं मिलने दिया गया. इस मामले की रिपोर्ट हरमाड़ा थाने में दर्ज करवाई गई है.

डाउनलोड करवाया मोबाइल एप्प
मांगीलाल ने मीडिया से बातचीत में बताया कि ठगों ने उनसे एनीडेस्क मोबाइल एप भी डाउनलोड करवाया. जिसके बाद से ये पैसे गायब हुए. आपको बता दें, साइबर फ्रॉड करने वाले गिरोह एनीडेस्क रिमोट कंट्रोल एप से फोन का कंट्रोल ले लेते हैं. इस दौरान फोन में डाउनलोड पेमेंट गेटवे एप से पैसा उड़ा लेते हैं. फेसबुक अकाउंट भी इससे हैक कर लिया जाता है.

इस संबंध में पुलिस अधिकारियों का कहना है कि लोगों को अपने कार्ड की डिटेल किसी के साथ शेयर नहीं करना चाहिये. किसी भी तरह की संदिग्ध हरकत होने पर तुरंत बैंक को फोन करके कार्ड को ब्लॉक करवा देना चाहिए. जागरुकता के जरिये ठगी के मामलों को रोका जा सकता है. शिकायत मिलने के बाद हरमाड़ा पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है.