राजस्थान में लाखों उपभोक्ताओं की होगी जेब ढीली, बिजली दरों में इजाफा तय

प्रावधाना जारी होने के बाद कनेक्शन में नाम बदलवाने के लिए भी मोटी राशि देनी होगी, नए कनेक्शन के प्रभार के अनुसार दरें भी बढ़ने जा रही है.

राजस्थान में लाखों उपभोक्ताओं की होगी जेब ढीली, बिजली दरों में इजाफा तय
राजस्थान में अब विद्युत कनेक्शन लेना भी महंगा होगा.

जयपुर: राजस्थान के 1 करोड़ 60 लाख बिजली उपभोक्ताओं पर कभी भी बढ़ी हुई पॉवर रेट लागू हो सकती है. राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग ने इसको लेकर खाका तैयार कर लिया है. बिजली दरों के साथ बिजली की प्रभार राशि में भी रिकॉर्ड इजाफा किया जाना प्रस्तावित है. ऐेसे में बिजली का उनभोग करना ही नहीं बिजली कनेक्शन लेना भी दस गुणा तक महंगा होगा. जो उपभोक्ता जितने अधिक विद्युत भार का कनेक्शन लेगा उसे उतनी ही अधिक राशि चुकानी होगी.

राजस्थान में अब विद्युत कनेक्शन लेना महंगा होगा. विद्युत विनियामक आयोग के प्रस्ताव लगभग तय है. प्रावधाना जारी होने के बाद कनेक्शन में नाम बदलवाने के लिए भी मोटी राशि देनी होगी, नए कनेक्शन के प्रभार के अनुसार दरें भी बढ़ने जा रही है.

विद्युत भार बढ़ाने के लिए भी अतिरिक्त राशि का प्रावधान के कारण अकेले प्रभार राशि बढ़ने से बिजली निगमों को सालाना 1500 करोड़ रुपए का अतिरिक्त राजस्व मिलने की संभावना है. बिजली कंपनियों पर फिलहाल 90 हजार करोड़ रुपए का कर्ज हैं. इसमें प्रतिदिन इजाफा हो रहा है. डिस्कॉम्स घाटे से बचने का कोई खास प्रयास नहीं कर रही है. एसीबी की लगातार गिरफ्त में आते डिस्कॉम्स के अधिकारी और कर्मचारी इसके सबूत है.

सितंबर 2016 के बाद विद्युत दरों में इजाफा होने जा रहा है. औसतन 18.82 फीसदी टैरिफ में बढ़ोतरी का डिस्कॉम का प्रस्ताव है. माना जा रहा है, कि एक अंकों में बिजली दरें बढ़ेंगी. डिस्कॉम्स का घाटा इस समय 90 हजार करोड़ रुपए को छू रहा है. बढ़ी बिजली दरें आक्सीजन का काम करेंगी. जयपुर, अजमेर और जोधपुर डिस्कॉम बढ़ रहे घाटे और संचालन खर्च की अधिकता बताकर बिजली दरों में इजाफा चाहती है.