राजस्थान में रिवाइज होंगी बिजली की दरें, किसान-बीपीएल परिवार को मिलेगी राहत

सितंबर 2016 के बाद अब विद्युत दरों में इजाफा होने जा रहा है. औसतन 18.82 फीसदी टैरिफ में बढ़ोतरी का डिस्कॉम का प्रस्ताव है.

राजस्थान में रिवाइज होंगी बिजली की दरें, किसान-बीपीएल परिवार को मिलेगी राहत
प्रतीकात्मक तस्वीर

अंकित तिवाड़ी/जयपुर: राजस्थान सरकार ऊर्जा महकमे के बढ़ते घाटे से पार पाने के लिए बड़ा फैसला लेने जा रही है. सितंबर 2016 के बाद अब विद्युत दरों में इजाफा होने जा रहा है. औसतन 18.82 फीसदी टैरिफ में बढ़ोतरी का डिस्कॉम का प्रस्ताव है. माना जा रहा है कि एक अंकों में बिजली दरें बढ़ेंगी. डिस्कॉम्स का घाटा इस समय 90 हजार करोड़ रुपए को छू रहा है. बढ़ी बिजली दरें आक्सीजन का काम करेंगी.

प्रदेश में बिजली की दरें रिवाइज हो रही है. 90 हजार करोड़ रुपए के घाटे का सामना कर रहे डिस्कॉम्स को नियामक आयोग राहत दे सकता है. बिजली कंपनियां भी अपने बढ़ते घाटे का बोझ सरकार पर डाल रही है. किसान और बीपीएल उपभोक्ताओं पर इस बार भी भार नहीं बढ़ेगा. संभवतया सरकार इनको सब्सिडी के दायरे में रखेगी. प्रदेश में बिजली खर्च पर वसूली जाने वाली राशि इस बार बढ़नी तय हैं.

जयपुर, अजमेर और जोधपुर डिस्कॉम बढ़ रहे घाटे और संचालन खर्च की अधिकता बताकर बिजली दरों में इजाफा चाहती है. राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग 22 नवंबर को अपनी सुनवाई पूरी कर चुका है. अब फैसला लेने का समय है. कीमतों में इजाफे के मसले पर प्रमुख सचिव ऊर्जा डॉ. कुंजीलाल मीणा का कहना हैं कि बढ़ता घाटा बिजली तंत्र को खत्म ही कर देगा, ऐसे में बढ़ी हुई बिजली दरें आक्सीजन का काम करेंगी. डिस्कॉम्स की याचिका पर फैसला विद्युत विनियामक बोर्ड को करना हैं. उम्मीद है शीघ्र ही इस पर वर्तमान स्थितियों को देखते हुए निर्णय होगा.

राजस्थान के करीब डेढ़ करोड़ बिजली उपभोक्ताओं को जल्द ही टैरिफ बढ़ोतरी का करंट लगने वाला है. प्रदेश की सरकारी बिजली वितरण कंपनियां इनकम के मुकाबले ज्यादा खर्चा और लगातार बढ़ रहे घाटे को आधार बना कर अब हर साल बिजली की रेट बढ़ा रही है. बिजली कंपनियों ने इस साल 10 से 25% तक बिजली टैरिफ बढ़ाने के लिए राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग आरईआरसी के पास याचिका लगाई है. राजस्थान सरकार किसानों की बिजली दरें पांच साल नहीं बढ़ाने की बात अपने घोषणा पत्र में कह चुकी है. ऐसे में इसका भार भी घरेलू उपभोक्ताओं पर आना तय है. वहीं, माना जा रहा हैं कि रात के समय औद्योगिक बिजली दरों में भी राहत दी जा सकती है.

प्रदेश सरकार एक वर्ष पूरे होने पर जनहित की कई योजनाओं को राजस्थान में लागू कर रही है. इनमें रोजगार, निवेश, शिक्षा, चिकित्सा, सामाजिक सुरक्षा समेत कई अहम बिंदू शामिल हैं. इन सबके बीच एक कड़ा कदम डिस्कॉम्स को घाटे से उबारने का भी लिया जा सकता है. बशर्तें इसकी कीमत बिजली दरों में बढ़ोतरी होगी.