जयपुर में ट्यूबवेल्स की खुदाई में तेजी आई, लोगों को पानी की समस्या से मिलेगी राहत

पानी से परेशान पिंक सिटी के लिए थोड़ी राहत की खबर ये है कि अब ट्यूबवेल्स की खुदाई के काम में तेजी आई है. जयपुर में अब तक 732 में से 300 ट्यूबवेल्स से शहर को पानी मिलने लगा है. 

जयपुर में ट्यूबवेल्स की खुदाई में तेजी आई, लोगों को पानी की समस्या से मिलेगी राहत

जयपुर: पानी को लेकर जयपुर शहर के लिए अच्छी खबर सामने आ रही है.अब जलदाय विभाग ने ट्यूबवेल्स की खुदाई के काम में तेजी आई है. हालांकि पीएचईडी की ओर से सभी 732 ट्यूबवेल्स का काम 20 जुलाई तक पूरा होगा, लेकिन अब ट्यूबवेल्स से पानी मिलने से शहरवासियों को कुछ राहत जरूर मिलने लगी है.

पानी से परेशान पिंक सिटी के लिए थोड़ी राहत की खबर ये है कि अब ट्यूबवेल्स की खुदाई के काम में तेजी आई है. जयपुर में अब तक 732 में से 300 ट्यूबवेल्स से शहर को पानी मिलने लगा है. जलदाय विभाग की ओर से बीसलपुर बांध में पानी की कमी के कारण ट्यूबवेल्स के दो प्रोजेक्ट शुरू किए गए थे, जिसमें से एक 279 ट्यूबवेल्स वाला प्रोजेक्ट का है. इस प्रोजेक्ट में टंकियों को जोड़कर घरों में पानी सप्लाई किया जा रहा है. 

इस प्रोजेक्ट में 206 ट्यूबवेल्स की खुदाई का काम किया जा चुका है, जबकि 158 ट्यूबवेल्स से पानी मिलने लगा है. दूसरे प्रोजेक्ट में 453 ट्यूबवेल्स को खोदने का काम चल रहा है, जिसमें से अब तक 217 ट्यूबवेल्स की खुदाई का काम किया जा चुका है. जि में से 142 ट्यूबवेल्स से शहरों को पानी मिलने लगा है. इस प्रोजेक्ट में सीधे कनेक्शन से पानी सप्लाई किया जा रहा है. सबसे बड़ी बात ये है कि जिन इलाकों में कम प्रेशर से पानी पहुंचता है, उन इलाकों के लिए यह प्रोजेक्ट सबसे कारगर साबित हो रहा है क्योंकि सीधे पाइपलाइन से जुड़ने के बाद में पानी का प्रेशर बढ़ने लगा है.

बीसलपुर बांध की कुल भराव क्षमता 39.20 टीएमसी है, जिसमें से अभी महज 4.4 टीएमसी पानी ही बचा है. यानि अभी 11.23 फीसदी पानी ही बीसलपुर बांध में बच पाया है. इस पानी से जयपुर समेत चार जिलों में की प्यास 15 अगस्त तक बुझ पाएगी. 15 अगस्त के बाद बीसलपुर बांध प्यासा हो जाएगा. इसके बाद जलदाय विभाग पूरी तरह से बारिश पर निर्भर रहेगा.