राजस्थान: गहलोत सरकार की पुलिस को चेतावनी, बिजली का बिल भरें वरना...

राजस्थान के कमोबेश सभी जिलों में थानों, सीओ कार्यालयों और यहां तक की एसपी कार्यालयों में लम्बे समय से बिजली के बिल बकाया चल रहे हैं. 

राजस्थान: गहलोत सरकार की पुलिस को चेतावनी, बिजली का बिल भरें वरना...
पुलिस पर सितम्बर तक 15 करोड़ 46 लाख से ज्यादा के बिजली के बिल बकाया है.

विष्णु शर्मा/जयपुर: राजस्थान पुलिस थानों और कार्यालयों में बिजली के बिल नहीं चुका रही है. पुलिस पर सितम्बर तक 15 करोड़ 46 लाख से ज्यादा के बिजली के बिल बकाया है. प्रमुख सचिव ऊर्जा कुंजीलाल मीणा ने एसीएस गृह राजीव स्वरूप को पत्र लिखकर बिल नहीं चुकाने पर बिजली कनेक्शन काटने की चेतावनी दी है.
 
राजस्थान के कमोबेश सभी जिलों में थानों, सीओ कार्यालयों और यहां तक की एसपी कार्यालयों में लम्बे समय से बिजली के बिल बकाया चल रहे हैं. इनमें जयपुर डिस्कॉम के 7.28 करोड़, अजमेर डिस्कॉम के 3.31 करोड तथा जोधपुर डिस्कॉम के 4.87 करोड़ रुपए के बिल बकाया है. इधर, बिल जमा नहीं कराने पर प्रमुख सचिव ऊर्जा कुंजीलाल मीणा ने एसीएस गृह को पत्र लिखकर बकाया बिल जमा कराने का आग्रह किया. साथ ही, उन्होंने चेतावनी दी है कि बिल नहीं जमा कराए गए तो कनेक्शन भी काटे जा सकते हैं.

ऊर्जा मंत्रालय ने दिए आदेश
कुंजीलाल मीणा ने राजस्थान के ऊर्जा मंत्रालय की ओर से 20 जून 2019 को जारी सर्कुलर का हवाला दिया है. सर्कुलर में कहा गया है कि बिजली के बिलों का समय पर भुगतान नहीं करने पर विद्युत आपूर्ति बाधित करने के निर्देश दिए गए हैं. ऐसे में बकाया बिजली आपूर्ति निरंतर बनाए रखना मुश्किल होगा. खुद मीणा ने लिखा है कि यदि थानों के बिजली कनेक्शन काटे जाते हैं तो सामान्य जन जीवन के अस्त व्यस्त होने के साथ ही कानून व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है. 

वित्तीय संकट में बिजली कम्पनियां 
मीणा ने लिखा है कि बिजली कम्पनियां पहले से ही भारी वित्तीय संकट से गुजर रही है. सरकारी विभाग ही बिल नहीं जमा करा रहे हैं. ऐसे में बिजली कनेक्शन काटने के लिए मजबूर होना पड़ेगा. किसी बिजली बिल के विवाद की स्थिति में उसका निबटारा समझौता समिति के माध्यम से किया जा सकता है. इधर, मीणा का पत्र मिलने के बाद गृह विभाग ने डीजीपी भूपेंद्र सिंह को पत्र लिखकर निर्देश दिए हैं कि बिलों का भुगतान कराए.