कोटा: फिल्मी स्टाइल में हुई हिस्ट्रीशीटर की हत्या, चारों आरोपियों ने इस तरह दिया अंजाम

जुर्म की दुनिया के खौफनाक चेहरों ने अपने वर्चस्व के लिए रविवार की शाम खूनी खेल को अंजाम दिया और महावीर नगर इलाके के हिस्ट्रीशीटर रणवीर चौधरी को अंधाधुंध फायरिंग कर मौत के घाट उतार दिया.

कोटा: फिल्मी स्टाइल में हुई हिस्ट्रीशीटर की हत्या, चारों आरोपियों ने इस तरह दिया अंजाम
शिवराज को भरतपुर के सेवर की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद कर रखा है.

केके शर्मा, कोटा: जिले में बदमाशों के खौफजदा होने की तस्वीर हिस्ट्रीशीटर रणवीर चौधरी की हत्या के बाद सामने आ गई है. जुर्म की दुनिया के खौफनाक चेहरों ने अपने वर्चस्व के लिए रविवार की शाम खूनी खेल को अंजाम दिया और महावीर नगर इलाके के हिस्ट्रीशीटर रणवीर चौधरी को अंधाधुंध फायरिंग कर मौत के घाट उतार दिया.

रणवीर चौधरी हत्याकांड में शामिल चारों बदमाश शिवराज गैंग के गुर्गे हैं. इनमें मुख्य किरदार है अजय सिंह हाड़ा उर्फ अज्जू जो शिवराज गैंग को लीड करता है चूंकि फिलहाल भानू हत्याकांड के मामले में शिवराज पिछले 9 सालों से जेल में बंद है. ऐसे में जेल के बाहर की दुनिया में अजय सिंह हाड़ा उर्फ अज्जू ही शिवराज के मंसूबों को अंजाम देता है और कलेक्शन का काम करता है. 

जानकारों के मुताबिक, कोटा पीडब्ल्यूडी ऑफिस के ठेकों में इस अज्जू का भारी दबदबा रहता है और यहां अजय हाड़ा उर्फ अज्जू की मर्जी के बिना कोई पत्ता भी नहीं हिला सकता. अज्जू भानू हत्याकांड में भी शिवराज के साथ केसवार रहा है. रणवीर हत्याकांड का दूसरा खौफनाक चेहरा है पीर मोहम्मद उर्फ पीरू भाई, ये शख्स भी आतंक का पर्याय है और शिवराज गैंग का खास गुर्गा है. भानू हत्याकांड में पीरू भी शामिल रहा है. फिलहाल पीरू जे के लोन अस्पताल में कैंटीन संचालन का काम करता है लेकिन घटनाकांड के बाद से जेके लोन अस्पताल की कैंटीन में ताला लटका हुआ है और पीरू फ़रार है. पुलिस को वारदात में जो स्कॉर्पियो गाड़ी शिवपुरा के निकट से बरामद हुई है, वह गाड़ी पीर मोहम्मद उर्फ पीरू भाई की ही बतायी जा रही है.

हत्याकांड का तीसरा आरोपी है हारून जो कि पीर मोहम्मद का लड़का है. हारून फिलहाल एमबीएस अस्पताल और जेके लोन अस्पताल की कैंटीन चलाता है और पीडब्ल्यूडी में रजिस्टर्ड ठेकेदार है. चौथा नामजद आरोपी है टिंकू खान, जो कि उद्योग नगर इलाके का रहने वाला है और प्रॉपर्टी के छोटे-मोटे काम करता है और हाल ही में शिवराज गैंग में शामिल हुआ है. टिंकू का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है लेकिन टिंकू बड़ा महत्वाकांक्षी है जो जल्द कामयाब होना चाहता है और अजय सिंह हाड़ा उर्फ अज्जू के काम मे उसकी मदद करता है.

क्या है इस गैंग का इतिहास
दरसअल भानू गई गैंगस्टर और शिवराज गैंगस्टर का भाई ब्रजराज उर्फ बबलू बना एक टीम में काम किया करते थे कि इन दोनों के बीच में एक प्रेमिका आ गई और भानू ने वर्ष 2009 में मेनाल इलाके में शिवराज के भाई ब्रजराज उर्फ बबलू बना की साजिशन हत्या कर दी. इसके बाद से शिवराज अपने भाई की हत्या का बदला लेने के लिए भानू के पीछे पड़ गया और 19 अप्रैल वर्ष 2011 में देर रात ब्रजराज की हत्या की सजा काट रहे झालावाड़ के भानू गैंगस्टर को जब भीलभाड़ा से कोटा पेशी पर पुलिस सुरक्षा में लाया जा रहा था तभी बिजोलिया के पास हाइवे पर फिल्मी अंदाज में शिवराज, अजय सिंह हाड़ा उर्फ अज्जू, पीर मोहम्मद सहित 11 बदमाशों ने पुलिस की गाड़ी पर फायरिंग शुरू कर दी. इसमें पुलिसकर्मी सहित गैंगस्टर भानू की मौत हो गई तभी से शिवराज अपने गुनाहों की सजा जेल में काट रहा है. फिलहाल शिवराज को भरतपुर के सेवर की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद कर रखा है.

इसके 9 साल बाद रविवार को फिर कोटा में गैंगवार की दस्तक सुनाई दी चूंकि रणवीर भानू गैंग का मुख्य किरदार था. ऐसे में ये प्रॉपर्टी के कई मामलों में शिवराज गैंग से रणबीर का आमना सामना भी हुआ. संभवतः अपने इसी वर्चस्व की लड़ाई के चलते रविवार की शाम को आरके पुरम थाना इलाके में  श्रीनाथपुराम स्टेडियम के बाहर शिवराज गैंग के गुर्गों ने 20 राउंड फायर कर रणवीर को मौत के घाट उतार दिया. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, लगभग 15 गोलियां रणवीर के सिर सीने, पीठ और कंधे में लगी, जिनमें से थ्री नॉट थ्री की 5 गोलियां रणबीर के सिर में लगी, जिससे रणवीर की खोपड़ी के परखच्चे उड़ गए.

फिलहाल पुलिस ने शिवराज गैंग के इन चारों बदमाशों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया है और इनके संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है. वहीं रणबीर को आखिरी कॉल कर बुलाने वाले विक्रम नामक शख्स को हिरासत में ले लिया है.