लोकसभा चुनाव:चूरू में है दिलचस्प सियासी जंग, चुनावी मैदान में पिता-पुत्र आमने सामने

रामसिंह कस्वां 4 बार यहां से सांसद रह चुके हैं. यहां से 5 बार पिता-पुत्र रामसिंह कस्वां-राहुल कस्वां चुनाव जीतने में कामयाब हुए हैं. लेकिन इस बार मुकाबला चुनावी मैदान में बेटे के खिलाफ खुद पिता आ चुके हैं. 

लोकसभा चुनाव:चूरू में है दिलचस्प सियासी जंग, चुनावी मैदान में पिता-पुत्र आमने सामने
जिला निर्वाचन कार्यालय में रामसिंह कस्वां ने गुरुवार को नामांकन किया. (फाइल फोटो)

जयपुर: प्रदेश में लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान चुनावी मैदान में अपने बेटे को बाप चुनौती देने जा रहा है. चुरू से मिल रही खबर के अनुसार, बीजेपी उम्मीदवार राहुल कस्वां के पिता रामसिंह कस्वां ने गुरुवार को चूरू के जिला निर्वाचन कार्यालय में निर्दलीय नामांकन दाखिल किया है. इस बार के चुनावी मैदान में रामसिंह कस्वां के पिता अपने बेटे को ही चुनावी मैदान में चुनौती देने जा रहे हैं. 

आपको बता दें कि, चूरू लोकसभा सीट पर बीजेपी ने मौजूदा सांसद राहुल कस्वां को फिर से चुनाव मैदान में उतारा है, जो जाट समुदाय से आते हैं. जबकि, कांग्रेस ने रफीक मंडेलिया को मैदान में उतारा है. जहां रफीक यहां से विधायक रह चुके मकबूल मंडेलिया के पुत्र हैं और 2009 में राहुल कस्वां के पिता रामसिंह कस्वां के खिलाफ चुनाव लड़ चुके है. 

रामसिंह 4 बार रह चुके हैं सांसद
वहीं, अपने बेटे के खिलाफ चुनावी मैदान में उतरे रामसिंह कस्वां चूरू से चार बार सांसद चुने जा चुके हैं. चूरू लोकसभा क्षेत्र में 8 विधानसभा सीटें आती हैं, जिसमें चूरू जिले की 6 सीटें  सादुलपुर, तारानगर, सुजानगढ़, सरदारशहर, चूरू, रतनगढ़ और हनुमानगढ़ जिले की 2 सीटें नोहर और भादरा शामिल है. 

जाटों का रहा है कब्जा
चूरू लोकसभा सीट पर जाट समुदाय का हमेशा से दबदबा रहा है. यहां पिछले 7 लोकसभा चुनावों से जाट उम्मीदवार ही जीत हासिल कर रहे हैं. वैसे, यहां से 5 बार पिता-पुत्र रामसिंह कस्वां-राहुल कस्वां चुनाव जीतने में कामयाब हुए हैं. 

रामसिंह ले सकते हैं नामांकन वापस
सूत्रों के अनुसार, राहुल कांस्वा के खिलाफ उनके पिता के नामांकन के पीछे बीजेपी उम्मीदवार और उनके बेटे की उम्मीदवारी रद्द होने पर चुनावी मैदान में बने रहना हो सकता है. वैसे, नामांकन वापसी के आखिरी दिन रामसिंह अपना पर्चा वापस भी ले सकते हैं.