जयपुर: बलिदान दिवस पर कांग्रेस ने BJP नेताओं पर उठाए सवाल, कहा कुछ ऐसा...

मंत्री मास्टर भंवरलाल मेघवाल और कांग्रेस प्रवक्ता अर्चना शर्मा ने कहा कि जिस नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी को गोलियों से छलनी कर दिया था, आज उसी की विचारधारा के लोग केंद्र में सत्ता में हैं.

जयपुर: बलिदान दिवस पर कांग्रेस ने BJP नेताओं पर उठाए सवाल, कहा कुछ ऐसा...
महात्मा गांधी के बलिदान दिवस के अवसर पर पीसीसी में सर्व धर्म सभा का आयोजन हुआ.

जयपुर: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के बलिदान दिवस के मौके पर राजस्थान में कांग्रेस की तरफ से विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन हुआ. प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में सर्व धर्म सभा हुई और महात्मा गांधी के भजनों के जरिए उन को श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए. इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस के नेताओं ने देश में वर्तमान हालातों में गांधी की प्रासंगिकता को बताते हुए नाथूराम गोडसे की विचारधारा के साथ खड़े बीजेपी नेताओं पर सवाल खड़े किए हैं.

महात्मा गांधी के बलिदान दिवस के अवसर पर पीसीसी में सर्व धर्म सभा का आयोजन हुआ. सर्व धर्म सभा में कांग्रेस पार्टी के नेताओं कार्यकर्ताओं के अलावा विभिन्न धर्मो के धर्मगुरु भी मौजूद रहे. इस अवसर पर महात्मा गांधी के प्रिय भजन गाए गए. उनके चित्र पर पुष्प अर्पित किए गए और 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई. कांग्रेस नेता विधानसभा के मुख्य सचेतक महेश जोशी ने कहा कि आज के दौर में गांधी के विचार ज्यादा प्रासंगिक हैं. देश दुनिया में जिस तरह के हालात हैं उसमें गांधी के आदर्श उनके विचारों को अपनाने की जरूरत है.

मंत्री मास्टर भंवरलाल मेघवाल और कांग्रेस प्रवक्ता अर्चना शर्मा ने कहा कि जिस नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी को गोलियों से छलनी कर दिया था, आज उसी की विचारधारा के लोग केंद्र में सत्ता में हैं. नाथूराम गोडसे को पूजने वाले लोगों को बीजेपी टिकट देती है, केंद्र में अहम कमेटी का सदस्य बनाती है, यह सब बताता है कि देश में इस तरह की विचारधारा के लोग राज कर रहे हैं. देश के लोगों को यह समझना बेहद जरूरी है कि विचारधारा देश को बर्बाद कर देगी.

कुल मिलाकर, महात्मा गांधी के बलिदान दिवस के मौके पर कांग्रेस नेता महात्मा गांधी को श्रद्धा सुमन अर्पित करने के साथ-साथ उस विचारधारा के भी खिलाफ बयान दे रहे हैं जो नाथूराम गोडसे को पूजती है. लेकिन असल में जरूरत इस बात की है कि देश में वर्तमान हालातों में एनआरसी और सीएए जैसे मुद्दों को केंद्र सरकार के खिलाफ जो प्रदर्शन हो रहे हैं. उसमें भी गांधी के अहिंसावादी तरीकों को अपनाना जरूरी है.