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जयपुर: 'प्रशासन जनसंवाद' के जरिए जिलाधिकारी करेंगे जनता की समस्याओं का समाधान

उपखंड अधिकारियों की ओर से विशेष भ्रमण, निरीक्षण और समाधान कार्यक्रम के लिए जयपुर जिले में 28 फरवरी तक 'सुशासन हेतु जनसंवाद' आरंभ होगा

जयपुर: 'प्रशासन जनसंवाद' के जरिए जिलाधिकारी करेंगे जनता की समस्याओं का समाधान
सुनवाई का यह कार्यक्रम प्रतिमाह रोटेशन से चलता रहेगा

दीपक गोयल/जयपुर: प्रदेश के जयपुर जिले के अधिकारी की पहल पर आमजन की समस्याओं का समय पर समाधान करने के लिए सुशासन हेतु 'प्रशासन जनसंवाद' कार्यक्रम चलाया जाएगा. जयपुर जिले में उपखण्ड अधिकारी, तहसीलदार और विकास अधिकारी जनप्रतिनिधियों के साथ फील्ड का दौरा कर जनसमस्याओं का चिन्हीकरण करेंगे. इसका एक फोर्मेट भी तैयार किया गया है जिसमें अधिकारियों को लोगों की समस्याओं को अंकित करने के साथ यथास्थिति अंकित करनी होगी. अभियान के तहत अफसर और जनप्रतिनिधि ग्राम पंचायत स्तर पर लोगों की सुनवाई करेंगे.

जयपुर जिला प्रशासन की ओर से जयपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्र की आमजनता और किसानों की समस्याओं का चिन्हीकरण कर तुरंत राहत पहुंचाने के लिए 'सुशासन हेतु जनसंवाद' चलाया जाएगा. उपखंड अधिकारियों की ओर से विशेष भ्रमण, निरीक्षण और समाधान कार्यक्रम के लिए जयपुर जिले में 28 फरवरी तक 'सुशासन हेतु जनसंवाद' आरंभ होगा.

कार्यक्रम के तहत उपखंड अधिकारी हर सप्ताह दो से तीन कार्य दिवसों में अपने-अपने क्षेत्राधिकार की 2 से 3 ग्राम पंचायत मुख्यालयों का भ्रमण करेंगे. स्थानीय सरपंच, जनप्रतिनिधियों और आमजनता से संवाद कर ग्राम पंचायत क्षेत्र की सार्वजनिक, व्यक्तिगत समस्याओं, परिवेदनाओं का चिन्हीकरण करेंगे. उसके बाद प्राप्त समस्याओं और परिवेदनाओं का निर्धारित समय पर निस्तारण कराएंगे. जो समस्या जिला, राज्य स्तर से संबंधित हैं उनके संबंध में ठोस प्रस्ताव मय अभिशंषा सहित निरीक्षण, भ्रमण दिवस के तीन दिन में भेजना जरूरी होगा.

ग्राम पंचायत भ्रमण, निरीक्षण कार्यक्रम स्वयं उपखंड अधिकारी तैयार कर जिला अधिकारी को भेजेंगे. जिला अधिकारी जगरूप सिंह यादव ने बताया की जनसंवाद कार्यक्रम का प्रचार-प्रसार कर सभी जनप्रतिनिधियों को जानकारी दी जाएगी. साथ ही जनसंवाद कार्यक्रम में प्राप्त होने वाले प्रार्थना पत्रों का भी रजिस्टर में ग्राम पंचायतवार इंद्राज कर उनके तुरंत निस्तारण की कार्रवाई की जाएगी.

जगरूप सिंह यादव ने बताया की 'सुशासन हेतु जनसंवाद' कार्यक्रम आम लोगों की आवाज बनेगा. इस मंच के माध्यम से गांव से शहर तक के लोग सीधे अपनी समस्या और गांव में व्याप्त अनियमितता की शिकायत पहुंचा सकेंगे. सबसे बड़ी बात यह है कि इस शिकायत पर कार्रवाई तो होगी ही साथ ही कार्रवाई के बाद शिकायतकर्ता से यह पूछा जाता है कि वे कार्रवाई से कितने संतुष्ट है.

यादव ने बताया की कलेक्ट्रेट से लेकर उपखंड मुख्यालय पर औसतन 1000 से ज्यादा फरियादी आते हैं. इनमें पुलिस, नगर निगम से लेकर सभी विभागों की शिकायतें रहती थीं. यदि प्रशासनिक मामले देखे जाएं तो ये करीब सौ होंगे, अन्य विभागों के आवेदन लेकर प्रशासन उन्हें वापस भेजता था. लेकिन अब इस अभियान को शुरू होने के बाद उनका निस्तारण मौके पर हो सकेगा. यादव ने बताया की ग्राम पंचायत,पंचायत समिति स्तर, उपखंड स्तर ही जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के द्वारा जनसमस्याओं का समाधान कर देने से लोगों को राहत मिलेगी और उन्हें अपनी समस्या को लेकर जयपुर नहीं आना पड़ेगा. 

ऐसी समस्याएं जिनका निस्तारण ग्राम पंचायत या फिर उपखंड स्तर पर संभव नहीं हैं वे ही जयपुर आकर अपनी समस्या बता सकेंगे. उपखंड अधिकारी और ब्लॉक स्तरीय अधिकारी अपने अधीन ग्राम पंचायतों के क्लस्टर बनाकर वहां जनसुनवाई और पूर्व में दर्ज समस्याओं की प्रगति की समीक्षा करेंगे. जनसुनवाई में ग्राम पंचायत मुख्यालय पर उस पंचायत क्लस्टर का कोई भी परिवादी आ सकता है. क्लस्टरवार सुनवाई का यह कार्यक्रम प्रतिमाह रोटेशन से चलता रहेगा.

बहरहाल, सुशासन हेतु जनसंवाद कार्यक्रम में मौके पर जिन प्रकरणों का निस्तारण हो चुका है उनका जिला अधिकारी के स्तर पर भी सत्यापन किया जाएगा. इससे वस्तुस्थिति का पता चल सकेगा. क्या वास्तव में प्रार्थी को जमीनी स्तर पर कितना लाभ मिला है या नहीं. साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में कर्मचारियों के मुख्यालय पर नहीं ठहरने की प्रवृत्ति पर रोक लगाई जाए ताकि जनता को राहत मिल सकेगी.