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जयपुर जिला परिषद के सदस्यों ने शुरू की प्रमुख मूलचंद मीणा को हटाने की मुहिम

जिला परिषद में 4 साल से विवादों में रहने वाले जिला प्रमुख मूलचंद मीणा की कुर्सी फिर एक बार खतरे में आ गई है. 

जयपुर जिला परिषद के सदस्यों ने शुरू की प्रमुख मूलचंद मीणा को हटाने की मुहिम
जिला परिषद सदस्यों की जयपुर से करीब 60 किलोमीटर दूर बाडाबंदी शुरू हो गई है

दीपक गोयल/जयपुर: प्रदेश की राजधानी जयपुर जिला परिषद में इन दिनों कुछ ठीक नहीं चल रहा है. जयपुर जिला प्रमुख मूलचंद मीणा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पत्र जिला परिषद सीईओ को सौंपने के बाद जयपुर जिला परिषद की राजनीति में घमासान मचा हुआ है. अविश्वास प्रस्ताव सौंपने के बाद जिला परिषद सदस्यों की जयपुर से करीब 60 किलोमीटर दूर बाडाबंदी शुरू हो गई है, जिसमे भाजपा के साथ कांग्रेस के जिला परिषद सदस्य भी शामिल है. जिला प्रमुख मूलचंद मीणा को हटाने को लेकर अब सोशल मीडिया पर भी जंग शुरू हो गई है. जिला परिषद सदस्यों ने एक सुर में कहा है मूलचंद मीणा को जिला प्रमुख के पद से हटाना है और जिला परिषद को बचाना है.

जिला परिषद में 4 साल से विवादों में रहने वाले जिला प्रमुख मूलचंद मीणा की कुर्सी फिर एक बार खतरे में आ गई है. अपनी कुर्सी बचाने के लिए मूलचंद मीणा भाजपा का दामन थामने की तैयारी कर रहे हैं. वहीं कांग्रेस और भाजपा के पार्षद बाडाबंदी कर अविश्वास प्रस्ताव पारित करवाने में लगे हुए हैं. 23 जनवरी को जयपुर जिला परिषद में होने वाली बैठक में तय होगा कि क्या मूलचंद मीणा अपनी जिला प्रमुख की कुर्सी बचा पाते हैं या फिर अविश्वास प्रस्ताव पर मुहर लगेगी. 

जयपुर जिला प्रमुख अक्टूबर महीने में भाजपा को छोड़ कांग्रेस का दामन थामा था, लेकिन 4 साल से जिला प्रमुख की कार्यशैली से परेशान होकर अब भाजपा के पार्षद जिला प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ले आए. पार्षदों का साथ नही मिलता देख मूलचंद मीणा ने अपनी सीट बचाने के लिए भाजपा का दामन थामने की तैयारी कर रहे है, उधर कांग्रेस और बीजेपी के जिला परिषद सदस्य जयपुर से करीब 60 किलोमीटर दूर एक रिसोर्ट में ठहरे हुए हैं और 23 जनवरी का इंतजार कर रहे हैं. 

जयपुर जिला प्रमुख मूलचंद मीणा के खिलाफ जिला परिषद के सदस्यों ने सोशल मीडिया पर भी जंग छेड़ दी है. उसमें साफ तौर पर कहा गया है कि मूलचंद मीणा को हटाना है और जिला परिषद को बचाना है. चाहे जिला प्रमुख कांग्रेस का बने या फिर भाजपा का लेकिन सभी को एक आवाज में 23 जनवरी को अपनी ताकत दिखाते हुए मूलचंद मीणा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को पारित कराना है. 

जिला प्रमुख मूलचंद मीणा के वापस भाजपा में जाने की चर्चाओं के बाद अब कांग्रेस के जिला परिषद सदस्यों ने भी पार्टी के उच्च नेताओं से संपर्क शुरू कर दिया है.  मूलचंद मीणा के इस्तीफे की मांग करने की बात उच्च स्तर पर पहुंचाने की तैयारी कर रहे हैं. जिला परिषद के कांग्रेस के जिला परिषद सदस्यों ने आवाह्वान किया है कि अपनी पार्टी से ऊपर उठकर अंतर आत्मा की आवाज पर इस दल-बदलू नेता को सबक सिखाए, ताकि आगे से कोई जिला परिषद का ऐसा बुरा हाल कोई नहीं करे. जिला प्रमुख ने जिला परिषद के सदस्यों का ऐसा हाल किया है कि इनका राजनीति भविष्य समाप्त कर दिया. पार्षद चाहे बीजेपी के हो या कांग्रेस के अपने वार्ड में जाने से कतराते हैं इसलिए जिला प्रमुख रहने का कोई अधिकार नहीं है.