जयपुर मेट्रो प्रशासन ही फेर रहा सरकार के अरमानों पर पानी, जानिए कैसे

गुलाबी नगर जयपुर को हैरिटेज सिटी की लिस्ट में शामिल तो कर लिया गया है, लेकिन ये तमगा कभी भी छीन सकता है.  

जयपुर मेट्रो प्रशासन ही फेर रहा सरकार के अरमानों पर पानी, जानिए कैसे
कंक्रीट, ईट, सीमेंट से बरामदों की मरम्मत

रोशन शर्मा, जयपुर: गुलाबी नगर जयपुर को हैरिटेज सिटी की लिस्ट में शामिल तो कर लिया गया है, लेकिन ये तमगा कभी भी छीन सकता है. जयपुर के हैरिटेज स्वरूप को बनाए रखने के लिए राज्य सरकार जहां एक ओर हैरिटेज प्लान और ड्रोन सर्वे से संरक्षित करने की बात कर रही है. वहीं जयपुर मेट्रो हैरिटेज सिटी जयपुर के स्वरूप को बिगाड़ने का काम कर रही है.

जब बाड़ ही खेत की फसल खाने लगे तो खेती भगवान भरोसे हो जाती है. ऐसा ही कुछ हाल है हैरिटेज सिटी का. हैरिटेज सिटी में अवैध अतिक्रमणों को रोकने में नाकाम साबित हो चुके जयपुर नगर निगम ने लाखों रूपए हैरिटेज सिटी के ड्रोन सर्वे पर खर्च कर दिए, लेकिन अब विभाग के कर्मचारी ही अवैध अतिक्रमण करवा रहे हैं तो ऐसे में कैसे हैरिटेज स्वरूप कायम रह पाएगा. अवैध निर्माण करने वालों पर शिकंजा कसने के बजाय राज्य सरकार का सरकारी विभाग ही हैरिटेज स्वरूप के साथ खिलवाड़ कर रहा है.

दरअसल चादपोल बाजार में मेट्रो निर्माण कार्य के दौरान चारदीवारी के बरामदों में क्रेक आने और बरामदों के कुछ हिस्सों में टूटफूट हो गई थी, जिसके बाद जयपुर मेट्रो (Jaipur Metro) नें चारदीवारी के बरामदों की मरम्मत करवाने का फैसला लिया, लेकिन जयपुर मेट्रो प्रशासन के अधिकारी ये भूल गए कि जयपुर अब जयपुर नहीं रहा है. यह हैरिटेज सिटी जयपुर है. राज्य सरकार जयपुर के हैरिटेज स्वरूप को निखारने के लिए हैरिटेज प्लान तैयार कर रही है और इस बात का बिना ध्यान रखें कंक्रीट, ईट, सीमेंट से बरामदों की मरम्मत भी करवा दी गई.

जब राज्य सरकार की सरकारी एजेंसियां ही ऐसा कर रही हैं तो आप खुद अदाजा लगा सकते हैं कि चारदीवारी में रहने वाले लोग भी अवैध निर्माण को बढावा देगें. यूनेस्कों नें जयपुर को हैरिटेज सिटी में शामिल करने के बाद राज्य सरकार ने हैरिटेज प्लान बनाने का फैसला लिया, लेकिन जयपुर मेट्रो प्रशासन शहर को बदरंग करनें में जुटा हुआ है.