Kailash Meghwal पर हुए हमले को लेकर भड़की BJP, Poonia बोले- Congress की मौन साजिश है

पूनिया ने कहा कि कैलाश मेघवाल सहित बीजेपी नेताओं पर कायराने हमले यह सब कांग्रेस की वर्तमान सरकार की मौन साजिश है.

Kailash Meghwal पर हुए हमले को लेकर भड़की BJP, Poonia बोले- Congress की मौन साजिश है
पूनिया ने कहा कि कैलाश मेघवाल सहित बीजेपी नेताओं पर कायराने हमले यह सब कांग्रेस की वर्तमान सरकार की मौन साजिश है.

Jaipur: बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया (Satish Poonia) ने बीजेपी अनुसूचित जाति मोर्चा (BJP Scheduled Caste Morcha) के प्रदेश अध्यक्ष कैलाश मेघवाल (Kailash Meghwal) पर श्रीगंगानगर (Sri Ganganagar) में कायराना हमले को दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय करार दिया है.

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पूनिया ने कहा कि कैलाश मेघवाल सहित बीजेपी नेताओं पर कायराने हमले यह सब कांग्रेस की वर्तमान सरकार की मौन साजिश है. अपराध, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और कांग्रेस (Congress) की अंतर्कलह पर पर्दा डालने के लिये मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) इस तरह की घटनाओं को रोकने में नाकाम हैं.

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पूनिया ने कहा कि, सब जानते हैं ढाई साल के कांग्रेस के शासन में दलितों, महिलाओं और आदिवासियों पर जिस तरीके से हमले हुए, वो अपने आप में कांग्रेस सरकार के कानून व्यवस्था के इकबाल खत्म होने की हकीकत बयां करते हैं.

लोकतंत्र में हिंसा का कोई स्थान नहीं 
उन्होंने कहा कि, लोकतंत्र में अपनी बात को कहना जायज है, लेकिन लोकतंत्र में हिंसा का कोई स्थान नहीं है. कांग्रेस शासन में प्रदेश में यह केवल पहली ऐसी घटना नहीं है. इस तरीके की अनेकों घटनाएं समाज का मनोबल भी कम करती हैं, साथ ही अराजकता भी फैलाती हैं. पूनिया इन ने कहा कि इस मामले में राज्य सरकार को त्वरित कार्यवाही करनी चाहिये और भविष्य में इस तरह की घटनायें ना हों, उनकी पुनरावृति रोके.

राज्य सरकार बीजेपी के खिलाफ कर रही षडयंत्र 
पूनिया ने कहा कि किसानों की सम्पूर्ण कर्जमाफी, लंबित भर्तियां और बिगड़ी हुई कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिये राज्य सरकार बीजेपी के खिलाफ षडयंत्र कर रही है, जिसमें वह कभी सफल नहीं होंगे.

उन्होंने कहा कि गहलोत सरकार के शासन को लगभग ढाई साल हो गये, लेकिन सम्पूर्ण किसान कर्जमाफी सहित तमाम वादे पूरे नहीं किए, जिससे प्रदेश के किसानों सहित सभी वर्ग परेशान हैं और लंबित भर्तियां पूरी नहीं करने से आक्रोशित युवा  आंदोलनरत हैं.