Rajasthan में तेजी से बढ़ रहा Corona की तीसरी लहर का खतरा, सामने आई यह बड़ी वजह

राजस्थान ने कोविड कंट्रोल मैनेजमेंट में बेहतरीन काम किया. इसके बाद जनवरी से शुरू हुए वैक्सीनेशन कार्यक्रम में भी बेहतरीन काम करते हुए एक दिन में 15 लाख डोज लगाने की क्षमता राज्य में विकसित की गई. 

Rajasthan में तेजी से बढ़ रहा Corona की तीसरी लहर का खतरा, सामने आई यह बड़ी वजह
राजस्थान में 18 वर्ष के अधिक उम्र के 5 करोड़ 14 लाख लोगों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य रखा गया है.

Jaipur: देशभर समेत राजस्थान (Rajasthan) में जहां एक ओर कोरोना (Corona) की तीसरी लहर का खतरा बना हुआ है, वहीं, दूसरी ओर वैक्सीनेशन (Vaccination) की धीमी रफ्तार से समस्या बढ़ सकती है.

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विशेषज्ञ मानते हैं कि जब तक 90 फ़ीसदी लोगों को वैक्सीन नहीं लगेगी, तब तक संक्रमण के खतरे से बचा नहीं जा सकता है लेकिन वैक्सीन की उपलब्धता डिमांड के हिसाब से न होने पर राजस्थान में सात महीने में सिर्फ 14 फीसदी लोगों को ही वैक्सीन की दोनों डोज लग पायी है और महज 47.7 फ़ीसदी लोगों को वैक्सीन की पहली डोज लग पायी है.

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राजस्थान में 18 वर्ष के अधिक उम्र के 5 करोड़ 14 लाख लोगों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य रखा गया है. अब तक करीब 2 करोड़ 45 लाख से अधिक लोगों को वैक्सीन लग पायी है. राज्य में अभी भी करीब 30 लाख लोगों को अपनी सेकंड डोज का इंतजार है और करीब 2.77 करोड़ लोगों को अपनी पहली वैक्सीन डोज लगने का इंतजार है. कारण सिर्फ एक ही नजर आता है और वो है केंद्र से मिलने वाली वैक्सीन खेप उस हिसाब से न मिल पाना, जितना राज्य को जरुरत है.

वैक्सीन की बहुत कम खेप राज्य को मिल रही 
राजस्थान में एक दिन में 15 लाख लोगों को वैक्सीन डोज लगाने की क्षमता उपलब्ध है लेकिन वैक्सीन की खेप ही बहुत कम राज्य को मिल रही है. अब सवाल ये है कि ICMR कह चुका है कि जिन लोगों को वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी है, उन्हें 9 महीने या 1 साल के बाद बूस्टर डोज लगवानी पड़ेगी नहीं तो शरीर में बनने वाले एंटीबॉडी खत्म हो सकते हैं लेकिन राजस्थान में मौजूदा हालात की बात करें तो ऐसी उम्मीद कम ही नजर आ रही है क्योंकि जिस मात्रा में केंद्र से राज्य को वैक्सीन मिल रही है, उस हिसाब से बूस्टर डोज की संभावना भी नजर नहीं आ रही है.

क्या कहना है आईसीएमआर का
बीते कुछ समय से वैक्सीन की अनुपलब्धता के कारण प्रदेश में वैक्सीनेशन कार्यक्रम धीमा पड़ चुका है. वहीं, आईसीएमआर की ओर से कहा गया है जिन लोगों को वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी है, उन्हें 9 महीने या 1 साल के बाद बूस्टर डोज लगवानी पड़ेगी नहीं तो शरीर में बनने वाली एंटीबॉडी खत्म हो सकती है. प्रदेश के मौजूदा हालात की बात करें तो आगामी से 2 साल तक बूस्टर डोज की संभावना कहीं भी नजर नहीं आ रही क्योंकि प्रदेश में वैक्सीनेशन कार्यक्रम बीते 7 महीनों से चल रहा है और सिर्फ 14% लोगों को ही अभी वैक्सीन कि दोनों डोज लगी है. 

क्या कहना है वैक्सीनेशन कार्यक्रम से जुड़े अधिकारियों का 
प्रदेश में वैक्सीनेशन कार्यक्रम से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल वैक्सीन की बूस्टर डोज की संभावना कहीं नजर नहीं आ रही. मामले को लेकर डायरेक्टर आरसीएच डॉ. लक्ष्मण सिंह ओला का कहना है कि वैक्सीन की अनुपलब्धता के चलते बीते कुछ समय से प्रदेश में वैक्सीनेशन कार्यक्रम धीमा कर चुका है. उनका कहना है कि चिकित्सा विभाग हर दिन तकरीबन 15 लाख लोगों को वैक्सीन लगा सकता है और हमने 1 दिन में 10 लाख का आंकड़ा भी छुआ है. ऐसे में जब तक पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन प्राप्त नहीं होती तब तक वैक्सीनेशन कार्यक्रम सुचारू रुप से नहीं चल पाएगा.

देश में कोरोना की तीसरी लहर की चर्चा तेज
देश में कोरोना की संभावित तीसरी लहर को लेकर चर्चा तेज हो चुकी है. राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने देश में संक्रमित व्यक्तियों की संख्या में लगातार हो रही वृद्धि पर भी चिंता जता चुके है. मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान में प्रतिदिन 15 लाख टीके लगाने की व्यवस्था है लेकिन मात्र ढाई लाख वैक्सीन ही केंद्र की ओर से उपलब्ध करवाई जा रही है, अगर केंद्र की ओर से पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध करा दी जाए तो जल्द से जल्द राजस्थान को शत प्रतिशत वैक्सीनेशन कर दिया जाए.

कोविड कंट्रोल मैनेजमेंट में राजस्थान ने किया अच्छा काम
राजस्थान ने कोविड कंट्रोल मैनेजमेंट में बेहतरीन काम किया. इसके बाद जनवरी से शुरू हुए वैक्सीनेशन कार्यक्रम में भी बेहतरीन काम करते हुए एक दिन में 15 लाख डोज लगाने की क्षमता राज्य में विकसित की गई. यहां तक की वैक्सीनेशन कार्यक्रम में मिसाल कायम करते हुए राजस्थान ने वैक्सीन डोज बर्बाद नहीं होने दी लेकिन अब संभावित तीसरी लहर से पहले सबसे बड़ा टास्क यह हो चुका है कि राज्य के सभी लोगों को कैसे वैक्सीन लगाकर सुरक्षित रखा जाए. उम्मीद है केंद्र राजस्थान को जरूरत के हिसाब से वैक्सीन डोज जल्द देगा ताकि राज्य में जल्द से जल्द प्रदेशवासी कोरोना की तीसरी लहर से बच पाएंगे.