Oxygen-Remdesivir की आपूर्ति के लिए हरसंभव प्रयास जारी: Raghu Sharma, चिकित्सा मंत्री

डॉ. शर्मा ने बताया कि वर्तमान में कोरोना जांच क्षमता 86 हजार जांच प्रतिदिन हो चुकी है एवं प्रतिदिन लगभग 80 हजार टेस्ट किए जा रहे हैं. 

Oxygen-Remdesivir की आपूर्ति के लिए हरसंभव प्रयास जारी: Raghu Sharma, चिकित्सा मंत्री
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा.

Jaipur: राजस्थान (Rajasthan) में कोरोना संक्रमण (Corona infection) की रोकथाम एवं उपचार के लिए जांच सुविधाओं में निरंतर वृद्धि करने के साथ ही आवश्यकतानुसार ऑक्सीजन बेड (Oxygen Bed) की संख्या में भी निरंतर वृद्धि की जा रही है. 

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वैक्सीनेशन को प्राथमिकता दिए जाने के परिणामस्वरूप राजस्थान देश के अग्रणी प्रदेशों में शामिल है. ऑक्सीजन एवं रेमडेसिविर सहित अन्य दवाओं की आपूर्ति के लिए भी हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं.

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1 लाख 27 हजार 616 एक्टिव केसेज
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा (Raghu Sharma) ने बताया कि प्रदेश में 24 अप्रैल तक 81 लाख 97 हजार 849 सैंपल लिए जा चुके हैं. इनमें से 4 लाख 95 हजार 628 पॉजिटिव पाए गए हैं. अब तक इनमें से 3 लाख 67 हजार 485 रिकवर हो चुके हैं एवं कुल 1 लाख 27 हजार 616 एक्टिव केसेज हैं. अब तक कोरोना के कारण प्रदेश में कुल 3 हजार 527 व्यक्तियों की की मृत्यु हुई है. वर्तमान में पॉजिटिविटी प्रतिशत 6.08 प्रतिशत, रिकवरी दर 73.69 प्रतिशत, मृत्यु दर 0.70 प्रतिशत है.

जांच क्षमता 86 हजार जांच प्रतिदिन
डॉ. शर्मा ने बताया कि वर्तमान में कोरोना जांच क्षमता 86 हजार जांच प्रतिदिन हो चुकी है एवं प्रतिदिन लगभग 80 हजार टेस्ट किए जा रहे हैं. सभी जांच आरटीपीसीआर द्वारा ही की जा रही है एवं सभी जिलों में यह जांच सुविधा उपलब्ध है. प्रदेश में 38 सरकारी और 29 निजी सहित कुल 67 जांच प्रयोगशालाएं क्रियाशील है. निजी चिकित्सालयों और निजी लैब में आरटीपीसीआर की अधिकतम दर 350 रुपए निर्धारित की गई है, जो देश में न्यूनतम है. जांच क्षमता को एक लाख किया जा रहा है.

14 हजार 389 ऑक्सीजन सर्पोटेड और 4 हजार 477 आईसीयू बेड्स उपलब्ध
चिकित्सा मंत्री ने बताया कि प्रदेश में हैल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण पर विशेष बल दिया जा रहा है. गत एक वर्ष के दौरान 7 हजार 500 ऑक्सीजन सर्पोटेड बेड्स एवं 1750 आईसीयू बेड्स की वृद्धि की गई है. वर्तमान में प्रदेश में 14 हजार 389 ऑक्सीजन सर्पोटेड बेड्स एवं 4 हजार 477 आईसीयू बेड्स उपलब्ध हैं. गत एक वर्ष के दौरान ही 43 चिकित्सालयों में 125 मीट्रिक टन उत्पादन क्षमता के ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट की स्थापना की गई.

1 लाख 75 हजार रेमडेसिविर इंजेक्शन के क्रय आदेश
डॉ. शर्मा ने बताया कि आरएमएससीएल द्वारा अप्रैल माह में विभिन्न दवा निर्मिताओं को 1 लाख 75 हजार रेमडेसिविर इंजेक्शन के क्रय आदेश दिए गए एवं इनमें से अब तक 28 हजार 350 इंजेक्शन की ही आपूर्ति हुई है. केन्द्र सरकार द्वारा 21 अप्रैल से 30 अप्रैल तक की अवधि के लिए 26 हजार 500 रेमडेसिविर इंजेक्शन का आवंटन किया गया एवं राज्य सरकार के प्रयासों के फलस्वरुप अब 67 हजार इंजेक्शन का केन्द्र द्वारा आवंटन हुआ है. रेमडेसिविर इंजेक्शन का आवंटन बढ़ाने का अनुरोध किया गया है.

140 मीट्रिक टन मेडिकल लिक्विड ऑक्सीजन का आवंटन
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए राज्य में 250 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आवश्यकता है. केन्द्र द्वारा राज्य को 140 मीट्रिक टन मेडिकल लिक्विड ऑक्सीजन का आवंटन किया गया. प्रदेश में इस समय लिक्विड ऑक्सीजन परिवहन के लिए 4 से 6 मीट्रिक टन भराव क्षमता के 23 टैंकर उपलब्ध है. आवश्यकता को दृष्टिगत रखते हुए 30 मीट्रिक टन की भराव क्षमता वाले 6 टैंकरों की अतिरिक्त आवश्यकता है, जिसकी व्यवस्था के प्रयास किए जा रहे हैं.

1 करोड़ 20 लाख 57 हजार का वैक्सीनेशन
उन्होंने बताया कि कोविड टीकाकरण कार्यक्रम के तहत अब तक कुल 1 करोड़ 20 लाख 57 हजार से अधिक लोगों को कोविड वैक्सीन की डोजेज दी जा चुकी है. निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 1 मई 2021 से 18 से 45 वर्ष की आयुवर्ग के लोगों को वैक्सीनेट किया जाना है. केन्द्र द्वारा कहा गया है कि वैक्सीन सीधे ही सीरम इंस्टीट्यूट को कीमत अदा करके खरीदनी है. अधिकारियों द्वारा सीरम इंस्टीट्यूट से बात की गई तो उन्हें बताया गया कि अभी तक उनके पास वैक्सीन उपलब्ध नहीं है. सीरम इंस्टीट्यूट इस समय केन्द्र सरकार के साथ हुए कमिटमेंट को भी 15 मई तक पूर्ण नहीं कर पा रहा. इस स्थिति में 18 वर्ष से 45 वर्ष की आयुवर्ग को प्रदेश में वैक्सीनेट करने का कार्य सीरम इंस्टीट्यूट द्वारा राजस्थान को वैक्सीन उपलब्ध कराने पर ही निर्भर करेगा.