राजस्थान राज्य ओलंपिक संघ में घमासान ले रहा विकराल रूप, जानिए अब कौनसा विवाद हुआ खड़ा

राजस्थान राज्य ओलंपिक संघ के अध्यक्ष पद पर 40 साल तक जनार्दन सिंह गहलोत काबिज रहे और पिछले दिनों उनके निधन के बाद मानो राजस्थान राज्य ओलंपिक संघ में एक बड़ा घमासान छिड़ गया है. 

राजस्थान राज्य ओलंपिक संघ में घमासान ले रहा विकराल रूप, जानिए अब कौनसा विवाद हुआ खड़ा
राजस्थान ओलंपिक एसोसिएशन की आज कार्यकारिणी की बैठक बुलाई गई थी.

Jaipur : राजस्थान राज्य ओलंपिक संघ के अध्यक्ष पद पर 40 साल तक जनार्दन सिंह गहलोत काबिज रहे और पिछले दिनों उनके निधन के बाद मानो राजस्थान राज्य ओलंपिक संघ में एक बड़ा घमासान छिड़ गया है. राजस्थान राज्य ओलंपिक संघ में बने दो गुट के बाद अब अध्यक्ष पद पर दोनों ही गुट द्वारा सत्ता की लड़ाई खुल कर सामने आ गई है. पिछले दिनों जहां एक गुट द्वारा उपाध्यक्ष अजीत सिंह को कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में निर्वाचित किया गया तो वहीं दूसरे गुट द्वारा इसका जमकर विरोध किया गया. वहीं, आज दूसरे गुट द्वारा उपाध्यक्ष अनिल व्यास की अध्यक्षता में आयोजित हुई कार्यकारिणी की बैठक में इस आदेश को रद्द करने का फैसला लिया गया. 

इसके साथ ही राजस्थान राज्य ओलंपिक संघ के महासचिव अरुण सारस्वत (Arun Saraswat) को भी पद से हटाकर संयुक्त सचिव को कार्यकारी महासचिव के पद पर काबिज किया गया. साथ ही महासचिव के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए कमेटी का गठन करने का फैसला लिया गया. कार्यकारिणी की बैठक के बाद उपाध्यक्ष अनिल व्यास ने बताया कि "राजस्थान ओलंपिक एसोसिएशन की आज कार्यकारिणी की बैठक बुलाई गई थी. संविधान के मुताबिक 8 पदाधिकारियों की सहमति से बैठक बुला सकते हैं, लेकिन इस बैठक के लिए 10 पदाधिकारियों ने अपनी सहमति दी और बैठक में कार्यकारिणी के 11 सदस्य मौजूद रहे.

जनार्दन सिंह गहलोत (Janardan Singh Gehlot) के निधन के बाद अध्यक्ष, चेयरमैन सहित चार पद खाली चल पड़े हैं. सेक्रेटरी जनरल ने बिल्कुल अवैधानिक तरीके से कार्यवाहक अध्यक्ष बना दिया और बाकी पोस्टों के लिए कोई चुनाव पर नहीं करवाये. पिछले डेढ़ साल से कोई अकाउंट पास नहीं हुए. इसीलिए हमको यह बैठक बुलानी पड़ी. आज आयोजित की गई बैठक में सर्वसम्मति से तीन महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं पहला निर्णय लिया गया है कि महासचिव द्वारा 1 जुलाई और 10 जुलाई को चिट्ठी जारी कर कार्यवाहक अध्यक्ष की जो घोषणा की गई थी उसको रद्द किया है. इसके साथ ही महासचिव को उनके पद से हटाकर संयुक्त महासचिव दाऊद खान को कार्यवाहक महासचिव बनाया गया है. इसके साथ ही महासचिव के कार्यों को लेकर एक कमेटी का गठन किया गया है जो इनके सभी कार्यों की जांच करके कार्यकारिणी को रिपोर्ट सौंपेगी. साथ ही खाली 4 पदों को भरने के लिए स्पेशल एनुअल जनरल बॉडी की मीटिंग 16 अक्टूबर को बुलाई गई है, जिसमें एक रिटायर्ड जस्टिस को चुनाव अधिकारी नियुक्त किया गया है और 16 तारीख को इन पदों को भरा जाएगा."