close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

जानिए लोकसभा अध्यक्ष के NDA प्रत्याशी ओम बिरला के बारे में, जिनके नाम पर बनी सहमति

कभी छात्र संघ अध्यक्ष रहे लोकसभा अध्यक्ष प्रत्याशी ओम बिरला ने सामाजिक, सहकारिता और शैक्षिक संस्थानों के लिए भी कार्य किया है.

जानिए लोकसभा अध्यक्ष के NDA प्रत्याशी ओम बिरला के बारे में, जिनके नाम पर बनी सहमति
ओम बिरला का जन्म 4 दिसंबर 1962 में हुआ था. (फोटो साभार: ANI)

नई दिल्ली: लोकसभा अध्यक्ष के पद के नाम पर चल रही चर्चा आखिरकार थमती दिख रही है. एनडीए ने लोकसभा अध्यक्ष के पद के लिए राजस्थान के कोटा से लो-प्रोफाइल रहने वाले सांसद ओम बिरला को प्रत्याशी बनाने का निर्णय लिया है. उनके नाम पर एनडीए गठबंधन के अलावा कई अन्य दलों के समर्थन देने की खबर आ रही है. इसमें बीजू जनता दल (बीजद), वाईएसआर कांग्रेस, अन्‍नाडीएमके, नेशनल पीपुल्‍स पार्टी, मिजो नेशनल फ्रंट, लोजपा, जदयू और अपना दल का नाम शामिल है. 

इन नामों पर लगातार हो रही थी चर्चा
आपको बता दें कि, लोकसभा अध्यक्ष के लिए मेनका गांधी, वीरेंद्र कुमार के नाम पर चर्चा जोरों पर थी. इसके अलावा एसएस अहलूवालिया, राधा मोहन सिंह और नंद कुमार चौहान भी लोकसभा अध्यक्ष के लिए रेस में बताए जा रहे थे. लेकिन ओम बिरला को इस पद के लिए प्रत्याशी चुने जाने के बाद मोदी और शाह की जोड़ी ने सियासी पंडितों के कयासों पर पूरी तरह विराम लगा दिया.

जानिए उनका राजनीतिक सफर
राजस्‍थान के कोटा-बूंदी से सांसद ओम बिरला लगातार 2 बार सांसद चुने जा चुके हैं. कोटा से सांसद चुने जाने से पहले उन्होंने कोटा दक्षिण का 2003, 2008 और 2013 में राजस्थान विधानसभा में प्रतिनिधित्व किया है. इसके अलावा उन्होंने भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक कई पदों पर रहकर कार्य किया है.

ओम बिरला चार बार भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष रह चुके है. इसके साथ ही उन्होंने युवा मोर्चा के राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष के रुप में लगातार 6 वर्ष तक कार्य किया है. वहीं, बिरला युवा मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रह चुके हैं.

इसके अलावा उनकी सामाजिक, सहकारिता और शैक्षिक कल्याण के कार्य में उल्लेखनीय भूमिका रही है. राष्ट्रीय सहकारिता उपभोक्ता संघ लिमिटेड के वे राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और राजस्थान प्रदेश के अध्यक्ष रह चुके हैं. 

वहीं, कोल इंडिया लिमिटेड और नेहरू युवा केंद्र के पूर्व निदेशक के रुप में भी उन्होंने कार्य किया है. कोटा स्थित एक कॉलेज के प्रबंधन में संयुक्त सचिव रहे बिरला अपने गुमानपुरा स्थित विद्यालय के छात्र संघ अध्यक्ष रह चुके हैं. 

चलाया था अन्न राहत अभियान
ओम बिरला सामाजिक और राजनीतिक जीवन में लगातार सक्रिय भी रहे हैं. उन्होंने समाज के विभिन्न वर्गों के लिए कई कार्यक्रम चलाया है. इस दौरान उन्होंने 2015 में ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों की मदद के लिए एक मुट्ठी अन्न राहत अभियान चलाया था. इस दौरान उन्होंने घर घर जाकर अन्न एकत्रित किया था.

कोटा शहर को ग्रीन बनाने के लिए बिरला ने वहां के सामाजिक-धार्मिक और व्यापारिक संगठनों को साथ लेकर 1 लाख पेड़ लगाने के लिए ''ग्रीन कोटा अभियान'' चलाया था.

ओम बिरला का जन्म 4 दिसंबर 1962 में राजस्थान के कोटा जिले में हुआ था. उनके पिता का नाम श्रीकृष्ण बिरला और उनकी माता का नाम शकुंतला देवी है. उनकी शादी 1 मार्च 1991 को डॉ. अमिता बिरला से हुई थी. उनकी दो बेटियां हैं, जिनका नाम आकांक्षा बिरला और अंजली बिरला है.