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कोटा के CMHO ने डॉक्टर द्वारा लगाए गए रिश्वत के आरोप को किया खारिज

सीएमएचओ ने बाबू द्वारा रिश्वत मांगने के आरोप को खारिज करते हुए कहा कि दबाव बनाने व खुद के बचाव के लिए डॉ अनिल ने रिश्वत मांगने के आरोप लगाए है. 

कोटा के CMHO ने डॉक्टर द्वारा लगाए गए रिश्वत के आरोप को किया खारिज
पहले भी डॉ अनिल की नए अस्पताल के एक सीनियर डॉक्टर से झगड़ा हुआ था.

कोटा: राजस्थान के कोटा में डॉक्टर द्वारा सीएमएचओ कार्यालय पर रिश्वत मांगने के आरोप लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. डॉक्टर के आरोप के बाद कोटा से लेकर जयपुर तक चिकित्सा महकमे में हड़कम्प मचा है. इस बीच सीएमएचओ डॉ भूपेंद्र सिंह तंवर ने जी मीडिया से बातचीत में डॉ अनिल पर गम्भीर आरोप लगाए है. डॉ तंवर का कहना है कि डॉ अनिल जब सीएमएचओ कार्यालय में शिकायत देने आए तब उन्होंने सीएमएचओ कार्यालय में हंगामा किया था.

डॉ अनिल का कहना है कि सभी कार्मिको से भला बुरा कहा, मेरे से भी बत्तमीजी भी की. वहीं एक कार्मिक को जातिसूचक शब्द कहे, उसे जान से मारने की धमकी देते हुए बाहर निकलने पर देखलेने की धमकी दी. सीएमएचओ ने बाबू द्वारा रिश्वत मांगने के आरोप को खारिज करते हुए कहा कि दबाव बनाने व खुद के बचाव के लिए डॉ अनिल ने रिश्वत मांगने के आरोप लगाए है. 

डॉ अनिल की सैलरी ब्लाक सीएमएचओ से उठती है, उनकी सैलरी सीएमएचओ कार्यालय से कोई लेना देना नहीं है. विभाग पर गम्भीर आरोप लगाने के मामले में डॉ अनिल के खिलाफ उच्चाधिकारियों को लिखेंगे. इतना ही नही सीएमएचओ डॉ तंवर ने डॉ अनिल को दिमागी रुप से बीमार बताते हुए आरोप लगाए की वो मरीजो को घर ले जाकर जोत जलाने व तंत्र मंत्र का काम करते है.

बता दें कि पहले भी डॉ अनिल की नए अस्पताल के एक सीनियर डॉक्टर से झगड़ा हुआ था. बाद में दोनो में समझाइस हो गई थी. गौरतलब है कि कोटा के चिकित्सा विभाग में डेपुटेशन के नाम पर बड़ा खेल चल रहा है. डॉ अनिल ने सैलरी बनाने व डेपुटेशन निरस्त करवाने के एवज में 1 लाख रुपये मांगने का आरोप लगाया था. 

डॉ अनिल का कहना था कि विभाग के बाबू सत्यनारायण ने सीएमएचओ का नाम लेकर 1 लाख रुपये की डिमांड की. डॉ अनिल ने यह भी आरोप लगाया है कि इससे पहले भी बाबू सत्यनारायण डेपुटेशन निरस्त करने को लेकर दस हजार की मांग की थी, लेकिन उन्होंने नहीं दिए थे.